Earthquake Today in India 29 May 2026: भारत में आज कहां भूकंप आया? भारत में आज दो राज्यों में भूकंप के झटके लगे हैं, जिसमें सिक्किम और मिणिपुर शामिल हैं। इसके अलावा भारत में और कहीं भूकंप नहीं आया है। दिल्ली एनसीआर में भी भूकंप की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। भारत में हाल के दिनों में छोटे-छोटे भूकंपों की संख्या में तेजी देखने को मिली है।
भारत में 29 मई को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on May 29)
| कहां आया भूकंप? | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| मणिपुर | 3.5 | 05:41:46 | 34 KM | उखरुल |
| सिक्किम | 2.9 | 04:45:37 | 10 KM | मंगन |
दुनिया में 29 मई को कहां भूकंप आया? (May 29 Tremors Worldwide)
दुनिया के और कई देशों में भी आज भूकंप आया है। जिसमें इंडोनेशिया और अमेरिका शामिल है। इंडोनेशिया में आज का सबसे तेज भूकंप रिकॉर्ड किया गया है। इंडोनेशिया में आज 4.7 की तीव्रता से भूकंप आया है।
| कहां आया भूकंप? | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| इंडोनेशिया | 4.7 | 06:40:59 AM | 27 KM | सिनाबांग |
| अमेरिका | 4.1 | 05:56:36 AM | 37 KM | अलास्का |
हिमालय रेंज या प्रशांत महासागर कहां आता है ज्यादा भूकंप?
हिमालय रेंज और प्रशांत महासागर (पैसिफिक ओशन) की तुलना की जाए, तो सबसे ज्यादा और विनाशकारी भूकंप प्रशांत महासागर के क्षेत्र में आते हैं। इस क्षेत्र को 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) कहा जाता है, जो चारों ओर से सक्रिय ज्वालामुखियों और टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं से घिरा हुआ है। दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इसी प्रशांत महासागर के तटीय और उप-समुद्री क्षेत्रों में दर्ज किए जाते हैं, जिनमें से कई बेहद शक्तिशाली होते हैं और सूनामी का कारण भी बनते हैं। यहाँ की भौगोलिक संरचना समुद्री और महाद्वीपीय प्लेटों के आपस में टकराने और एक-दूसरे के नीचे धंसने (सबडक्शन) की वजह से बेहद अस्थिर है।
दूसरी ओर, हिमालय रेंज भी एक अत्यधिक संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र (सिस्मिक जोन) है, जिसका निर्माण भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार हो रही भीषण टक्कर से हुआ है। हालांकि हिमालय क्षेत्र में आने वाले भूकंप बेहद विनाशकारी होते हैं और यह दुनिया के सबसे सक्रिय महाद्वीपीय टकराव वाले क्षेत्रों में से एक है, लेकिन भूकंपों की कुल संख्या, आवृत्ति और तीव्रता के मामले में यह प्रशांत महासागर के विशाल और निरंतर सक्रिय 'रिंग ऑफ फायर' के मुकाबले काफी पीछे है। संक्षेप में कहें तो, दोनों ही क्षेत्र भूकंप के लिहाज से खतरनाक हैं, लेकिन प्रशांत महासागर वैश्विक स्तर पर भूकंप का सबसे बड़ा केंद्र है।
