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China से क्यों डरते हैं Narendra Modi...अब वो लाल आंखें कहां हैं?- चीन की 'चालबाजी' पर दिग्विजय ने दागा सवाल

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 18, 2022, 12:21 PM IST

India China Clash in Tawang: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भारत और चीन के बीच सीमा पर हाल-फिलहाल के घटनाक्रम पर प्रेस से बात कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि जब पीएलए (चीनी सेना) ने हिंदुस्तानी जमीन पर ‘‘घुसपैठ’’ की थी तो तत्कालीन प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार किया था, पर पीएम मोदी ने इससे इन्कार कर दिया था।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह। (फाइल फोटो)

Photo : IANS

India China Clash in Tawang: कांग्रेस के सीनियर नेता, राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन के मसले पर घेरा है। उन्होंने सवाल दागा है कि वह चीन से क्यों डरते हैं और अब उनकी लाल आंखें कहां हैं? शुक्रवार (17 दिसंबर, 2022) को ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ से इतर पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह कहते नजर आए- नरेंद्र मोदी चीन की सेना और वहां की सरकार से क्यों डरते हैं? जब वह प्रधानमंत्री नहीं थे, तब कहते थे डॉक्टर मनमोहन सिंह चीन को अब लाल आंख क्यों नहीं दिखाते हैं? मोदी जी, अब वह लाल आंखें (जुझारुपन) कहां हैं आपकी?

बकौल सिंह, "चीन की सेनाओं ने जब भारत की सीमा के अंदर घुसकर जमीन पर कब्जा किया...रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन की सेना हमारी धरती पर आ गई है, अवैधानिक रूप से। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और चीफ डिफेंस स्टाफ ने यह बात कही कि चीन की सेना हमारी धरती पर आ गई है।"

वह आगे बोले- मोदी जी ने क्या कहा...न चीन की सेना हमारी धरती पर आई और न है। क्यों डरते हो चीन से...चीन का इम्पोर्ट दोगुना हो गया है। चीनी माल यहां आ रहा है और यहां की अर्थव्यवस्था बिगाड़ रहा है। आपने (पीएम मोदी) अपनी नीतियां क्यों ऐसी बनाई हैं, जिससे कि चीन का व्यवस्या हमारे यहां बढ़ रहा है। हमारा एक्सपोर्ट नहीं हो रहा है। वहां से आयात कर रहे हैं। यह उनकी अर्थव्यवस्था को बना रहे हैं और यह हमारी इकनॉमी के खिलाफ है।

वैसे, रोचक बात यह है कि सिंह की यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है, जब भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में नौ दिसंबर, 2022 को भारत और चीन के फौजियों के बीच झपड़ हो गई थी और उस उस गुत्थम-गुत्थी में दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से चोटिल हो गए थे। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में साफ किया था कि चीन की ओर से इस दौरान यथास्थिति बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने इसके साथ ही बताया था कि भारत का कोई भी सैनिक इस दौरान न तो शहीद हुआ और न ही गंभीर रूप से चोटिल हुआ।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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