Modi surname issue: मोदी सरनेम मामले में सूरत की अदालत फैसला सुनाने वाली है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी खुद अदालत में मौजूद रहेंगे। अब सवाल यह है कि मोदी सरनेम मामले का राहुल गांधी से कनेक्शन क्या है। दरअसल आम चुनाव 2019 के समय राहुल गांधी ने कहा था कि सारे चोरों के सरनेम मोदी ही क्यों है। बता दें कि उस वक्त ललित मोदी, नीरव मोदी का मुद्दा सुर्खियों में था। बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ केस किया था। इससे पहले पिछले शुक्रवार को यानी 17 मार्च को दोनों पक्षों की दलील पूरी हो गई थी और 23 मार्च को फैसला सुनाने का दिन अदालत ने तय किया। सूरत में आज गहमागहमी का माहौल रहने की उम्मीद है। कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में सूरत आने की अपील की थी। राहुल गांधी के सूरत आने की वजह से एयरपोर्ट से लेकर कोर्ट तक सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है।
क्या है मामला
- आम चुनाव 2019 में प्रचार के दौरान कोलार में मोदी सरनेम पर राहुल गांधी ने की थी टिप्पणी
- राहुल गांधी ने कहा था कि आखिर सभी चोरों के सरनेम मोदी ही क्यों होते हैं
- बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई
- बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने एक खास समाज के लिए अपमानजनक बताया
- उन्होंने सूरत में इस संबंध में केस दर्ज कराया।
कांग्रेस ने शहीदी दिवस से जोड़ा
कर्नाटक के कोलार में 2019 में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने इस तरह की टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद सूरत पश्चिम से बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने एक समुदाय का अपमान बताते हुए केस दर्ज कराया। राहुल गांधी इस मामले में पहली दफा 9 जुलाई 2020 को अदालत के सामने पेश हुए थे। जब मामले की सुनवाई में देरी हुई तो पूर्णेश मोदी गुजरात हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने सूरत में निचली अदालत को सुनवाई में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। अब जबकि इस केस में 23 मार्च को फैसला आने वाला है तो कांग्रेस ने इसे शहीदी दिवस से जोड़ा है। कांग्रेस ने इस केस की तुलना, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के केस से की है। कांग्रेस का कहना है कि उनकी लड़ाई फांसीवादी ताकतों से है और निश्चित तौर पर उन लोगों की जीत होगी। बाकायदा कांग्रेस ने पोस्टर के जरिए अपने इरादे जाहिर किए हैं। पोस्टर पर नहीं झुकेगी कांग्रेस का जिक्र किया गया है।
