Hotter Summer in 2023 : उत्तर भारत में इस बार प्रचंड ठंड के बाद अब झुलसाने वाली गर्मी पड़ने जा रही है। इसे लेकर आईएमडी ने भी पूर्वानुमान जताया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि इस साल भारत में लू चलने की संभावना है, जिससे साल 2023 अधिक गर्म रहेगा। मार्च के आखिरी सप्ताह के दौरान गंगा के मैदान और पूर्वी भारत में अधिक गर्मी पड़ेगी। देश में गर्मी का मौसम 1 मार्च के आसपास शुरू होता है और 31 मई तक रहता है।
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में बैठक
मंगलवार को दिल्ली में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें आईएमडी ने कहा कि पूर्वोत्तर, पूर्व और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक की अवधि के लिए वैश्विक मौसम की घटनाओं और तापमान को लेकर प्रस्तुति दी। मार्च के दूसरे पखवाड़े के लिए पूर्वानुमान दिया गया। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
गृह सचिव ने दिए जरूरी दिशानिर्देश
मौसम विभाग ने आगे बताया कि बाकी मार्च के दौरान कोई खास गर्मी नहीं होगी। केंद्रीय गृह सचिव ने गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में बताया और कहा कि गर्मी के प्रकोप की रोकथाम और प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार करने के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश 2016 में जारी किए गए थे और 2017 व 2019 में संशोधित किए गए थे। बैठक के दौरान, ऊर्जा सचिव ने मार्च 2023 तक बिजली संयंत्रों में सभी रखरखाव गतिविधियों को पूरा करने पर जोर दिया।
कृषि मंत्री बोले, गर्मी का फसल पर असर नहीं
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उच्च तापमान के कारण अभी तक गेहूं की फसल पर कोई प्रभाव नहीं देखा गया है और संभावित प्रभाव के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों में कटाई शुरू होने से गेहूं की फसल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव देखा गया है, तोमर ने कहा कि खेती के सामने हमेशा मौसम संबंधी चुनौतियां रहती हैं। लेकिन मैं समझता हूं कि अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है। कोई प्रभाव पड़ा है, ऐसा कहना जलदबाजी होगी।
सरकार ने 20 फरवरी को तापमान में असामान्य बढ़ोतरी और गेहूं की फसल पर इसके प्रभाव से पैदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया और फसल को बचाने के लिए किसानों जरूरी सलाह भी जारी की। समिति बनाने का फैसला देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लिया गया।
दिल्ली को मिलेगी राहत
मौसम पूर्वानुमान सेवा स्काईमेट के अनुसार, दिल्ली में लंबे समय तक प्री-मानसून बारिश होने की संभावना है। मौसम की गतिविधि 16 मार्च की रात के आसपास शुरू होने की संभावना है, जो सप्ताहांत तक बनी रहेगी और अगले सप्ताह तक भी जा सकती है। बारिश हल्की ही रहेगी और पूरी अवधि के दौरान एक या दो बार मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, आसमान में कल से बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में छोटे अंतराल के साथ पूरी अवधि तक बने रहेंगे।
