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देश के 40% Air Pollution के लिए असल में मैं हूं जिम्मेदार- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कबूलनामा

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated May 25, 2023, 11:52 PM IST

जैव-ईंधनों के महत्व पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा, “हमें कृषि में विविधीकरण करने की जरूरत है, जहां ऊर्जा एवं बिजली क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।” गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ईंधनों पर देश में 135 परियोजनाएं चल रही हैं।

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी। (फाइल)

Photo : IANS

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कबूला है कि देश में कुल वायु प्रदूषण का 40 फीसदी हिस्सा परिवहन क्षेत्र के चलते है और इसके लिए असल में वह खुद जिम्मेदार हैं। गुरुवार (25 मई, 2023) को महाराष्ट्र के मुंबई में उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन सम्मेलन में ये बात कही। केंद्रीय मंत्री ने यह समस्या कम करने के लिए उद्योग जगत से हरित ईंधन के विकल्प विकसित करने की अपील की। वायु प्रदूषण के संकट से बुरी तरह जूझ रही नई दिल्ली (पिछले कुछ सालों से) के मामले का हवाला देते हुए उन्होंने बताया, “देश में 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण के लिए हम (परिवहन) जिम्मेदार हैं। परिवहन मंत्री के तौर पर, वास्तव में इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं। परिवहन क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधनों की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा कि हरित हाइड्रोजन की कीमत मौजूदा 300 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर एक डॉलर (83 रुपए) प्रति किलोग्राम करने की जरूरत है। मंत्री के मुताबिक, इसका समाधान इलेक्ट्रोलाइज़र के परीक्षण मार्ग से परे भी पाया जा सकता है। गडकरी ने इस दौरान कर्नाटक में बेंगलुरू के भारतीय विज्ञान संस्थान के अनुसंधान का उल्लेख किया, जिसमें बायोमास का इस्तेमाल कर इसकी प्रति किलोग्राम कीमत 150 रुपए तक करने में सफलता मिली है।

बकौल मंत्री, “प्रमाणित प्रौद्योगिकी, आर्थिक व्यवहार्यता, तैयार उत्पाद की विपणन क्षमता और आयात प्रतिस्थापन महत्वपूर्ण रणनीतियां हैं जिनका हमें पालन करने की जरूरत है।” जैव-ईंधनों के महत्व पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा, “हमें कृषि में विविधीकरण करने की जरूरत है, जहां ऊर्जा एवं बिजली क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।” गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ईंधनों पर देश में 135 परियोजनाएं चल रही हैं। (समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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