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महाराष्ट्र चुनाव में डूबी राज ठाकरे की लुटिया, लेकिन उद्धव ठाकरे की करवा गए मौज

भले ही राज ठाकरे की पार्टी के अस्तित्व पर संकट गहरा रहा हो, लेकिन इस पार्टी ने उद्धव ठाकरे को जाने-अनजाने सीटें जीतने में भारी मदद की। किस तरह से उनकी पार्टी ने उद्धव की शिवसेना को फायदा पहुंचाया, इसे समझते हैं।

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चुनाव में राज ठाकरे ने पहुंचाया उद्धव को फायया

Photo : PTI

Raj Thackeray helped Uddhav Shiv Sena: महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली महायुति की आंधी से सभी पार्टियां उड़ गई। विपक्षी गठबंधन एमवीए को 50 से भी कम सीटों पर सिमट गई और उसे अब तक ऐसी करारी हार पर यकीन नहीं हो रहा। वहीं, इस चुनाव में महाराष्ट्र की सियासत का बड़ा चेहरा राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया और उसे एक भी सीट नहीं मिली। हालत ये है कि उनकी पार्टी एमएनएस की मान्यता ही रद्द होने की नौबत आ गई है। भले ही राज ठाकरे की पार्टी के अस्तित्व पर संकट गहरा रहा हो, लेकिन इस पार्टी ने उद्धव ठाकरे को जाने-अनजाने सीटें जीतने में भारी मदद की। किस तरह से उनकी पार्टी ने उद्धव की शिवसेना को फायदा पहुंचाया, इसे समझते हैं।

राज ठाकरे ने उद्धव की कराई मौज

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन करने के बावजूद राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया। एमएनएस के कारण ही मुंबई पर शिव सेना (यूबीटी) का प्रदर्शन अच्छा रहा। उद्धव सेना द्वारा जीती गई 20 सीटों में से 10 पर फैसला एमएनएस उम्मीदवारों को मिले वोटों से कम अंतर से हुआ। यानी एक तरह से मुंबई की 10 सीटों पर उद्धव की शिवसेना की जीत में योगदान एमएनएस का रहा। मुंबई में 10 में से आठ सीटों पर करीबी मुकाबले में उद्धव की शिवसेना ने बाजी मारी। इनमें से 8 सीटों पर एमएनएस उम्मीदवारों ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना से वोट छीन लिए, जिससे उद्धव सेना को मुंबई में अपना गढ़ बरकरार रखने में मदद मिली।

मुंबई की इन सीटों पर उद्धव को फायदा

माहिम: राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने इस सीट से चुनाव लड़ा और उन्हें 33,062 वोट मिले। शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार महेश सावंत ने 1,316 वोटों के अंतर से शिवसेना के सदा सर्वंकर को हराकर सीट जीती।

वर्ली: आदित्य ठाकरे ने शिवसेना के मिलिंद देवड़ा को 8,801 वोटों से हराया। एमएनएस उम्मीदवार संदीप देशपांडे को 19,367 वोट मिले।

विक्रोली: उद्धव शिवसेना के उम्मीदवार ने 15,526 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें 66,093 वोट मिले जबकि एमएनएस उम्मीदवार को 16,813 वोट मिले।

जोगेश्वरी पूर्व: यूबीटी उम्मीदवार ने 1,541 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, उसे 77,044 वोट मिले, जबकि एमएनएस को 64,239 वोट मिले।

डियाडोची: जीत का अंतर 6,182 वोट रहा, जबां यूबीटी उम्मीदवार को 76,437 वोट मिले वहीं एमएनएस को 20,309 वोट मिले।

वर्सोवा: यूबीटी उम्मीदवार 1,600 वोटों से जीते, उन्हें 65,396 वोट मिले। एमएनएस उम्मीदवार को 6,752 वोट मिले।

कलिना: जीत का अंतर 5,008 वोट रहा, जिसमें यूबीटी को 59,820 वोट और एमएनएस को 6,062 वोट मिले।

वांद्रे ईस्ट: यूबीटी उम्मीदवार ने 11,365 वोटों से जीत हासिल की, उन्हें 57,708 वोट मिले। एमएनएस को 16,074 वोट मिले।

वानी: यूबीटी उम्मीदवार 15,560 वोटों से जीते, उन्हें 94,618 वोट मिले। एमएनएस उम्मीदवार को 21,977 वोट मिले।

गुहागर: जीत का अंतर 2,830 वोट रहा, यूबीटी को 71,241 वोट और एमएनएस को 6,712 वोट मिले।

बीजेपी बनी किंग

बहरहाल, महाराष्ट्र में भाजपा ने चुनाव नतीजों मेंअपना वर्चस्व कायम किया और 149 सीटों पर चुनाव लड़कर 132 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को 57 और अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटें मिलीं। इसके उलट, कांग्रेस सिर्फ 16 सीटों पर जीत हासिल कर पाई, जबकि शिव सेना (यूबीटी) 20 और एनसीपी (एसपी) 10 सीटें ही जीत सकीं। अब महायुति सरकार बनने की तैयारी में है और सीएम पद पर फैसला होना है। उधर, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे बड़े झटके के बाद आत्ममंथन में जुटे हुए हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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