पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वहां फंसे भारतीय जहाजों और नाविकों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने मंगलवार को बताया कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटे में किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को इस बाबत एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) ने अब तक खाड़ी क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से 2,262 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी करवाई है, जिनमें पिछले 24 घंटे में 85 लोग शामिल हैं।
डीजी शिपिंग के कंट्रोल रूम ने सक्रिय होने के बाद से अब तक 6,292 कॉल और 13,228 से ज्यादा ईमेल संभाले हैं। इनमें पिछले 24 घंटे में 219 कॉल और 361 ईमेल शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि देश भर के बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी भीड़ या रुकावट की स्थिति नहीं है। बयान में कहा गया कि मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ समन्वय बनाए हुए है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री गतिविधियों का संचालन बिना बाधा जारी रहे।
वहीं, विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय दूतावास और मिशन भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह (एडवाइजरी) जारी कर रहे हैं। इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत और इजरायल के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा की।
इसके अलावा, उन्होंने सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षों से भी पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बातचीत की। मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भी लगातार संपर्क में है, ताकि जानकारी का बेहतर आदान-प्रदान हो सके और समन्वय मजबूत बना रहे। सरकार ने कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। भारतीय दूतावास 24 घंटे हेल्पलाइन के जरिए लोगों की मदद कर रहे हैं और स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।
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