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Indian Tanker: भारत के लिए खुल गया होर्मुज, पेट्रोलियम लेकर निकला टैंकर 'निसोस केरोस'

Indian Tanker: भारत का एक और टैंकर होर्मुज से निकल गया है। पेट्रोलियम से भरा 'निसोस केरोस' टैंकर 3 जून तक विशाखापत्तनम पहुंच सकता है।

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भारतीय तेल टैंकर निसोस केरोस होर्मुज से निकला (प्रतीकात्मक फोटो-Canva)

India Tanker: ईरान जंग के बीच भारत को बड़ी राहत वाली खबर मिली है। ईरान ने भारत के लिए होर्मुज खोल दिया है, भारतीय टैंकर 'निसोस केरोस' (Nissos Keros) होर्मुज से पार कर गया है। 3 जून तक यह टैंकर भारत पहुंच जाएगा। इससे देश में पेट्रोलियम संकट को कम करने में काफी मदद मिलेगी। यह जहाज बिना किसी बाधा के भारत की ओर आगे बढ़ रहा है।

3 जून को विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह तेल टैंकर 21 मई को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह बंदरगाह से भारत के लिए रवाना हुआ था। यदि मौसम और समुद्री स्थितियां अनुकूल रहीं, तो 3 जून तक इसके आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंचने की पूरी उम्मीद है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग से होने वाली आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर है, ऐसे में इस टैंकर का सुरक्षित निकलना बेहद महत्वपूर्ण है।

ईरान ने दी 23 वाणिज्यिक जहाजों को मंजूरी

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'आईआरएनए' के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले 24 घंटों के दौरान 'निसोस केरोस' समेत कुल 23कमर्शियल जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

शुल्क नीति को लेकर असमंजस बरकरार

हालांकि, जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलने के बावजूद इस समुद्री मार्ग से जुड़ी 'शुल्क नीति' (Toll Policy) को लेकर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और देशों के बीच अनिश्चितता का माहौल अभी भी बना हुआ है। नियमों और शुल्कों में स्पष्टता न होने के कारण भविष्य के व्यापारिक अभियानों को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। इसके बावजूद, भारतीय टैंकर का सुरक्षित पार होना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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