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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घर पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज, बोले-हर घर तिरंगा राष्ट्रप्रेम को प्रबल करने वाला जन-अभियान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अमित शाह ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रप्रेम की भावना को और भी प्रबल बनाने वाला जन-अभियान बन गया है।

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अमित शाह ने घर पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज (फोटो - ट्वीटर @AmitShah)

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। 15 अगस्त के मद्देनजर भारत सरकार ने देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत की है, जिसमें लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रप्रेम की भावना को और भी प्रबल बनाने वाला जन-अभियान बन गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पत्नी के साथ अपने आवास की छत पर तिरंगा झंडा लगाया। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तस्वीरें भी साझा की हैं। शाह ने लिखा कि आज हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अपने आवास पर तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रप्रेम की भावना को और भी प्रबल बनाने वाला जन-अभियान बन गया है। यह अभियान दर्शाता है कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने त्याग, तप और समर्पण से जिस आजाद भारत का सपना साकार किया था, उसे विकसित और सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए 140 करोड़ देशवासी संकल्पित हैं।

इसी बीच, दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत जनकपुरी में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। आशीष सूद ने अपने विधानसभा क्षेत्र जनकपुरी के सी1 ब्लॉक से डाबरी चौराह तक पैदल तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा में शिक्षा मंत्री आशीष सूद के साथ सांसद कमलजीत सहरावत मौजूद रहीं। कई स्कूलों के बच्चे भी शामिल हुए।

देश में चल रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत नागरिकों को 13 से 15 अगस्त के बीच अपने घरों और कार्यस्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस साल के अभियान में "स्वच्छता ही सेवा है" पहल के अंतर्गत स्वच्छता पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय गौरव और नागरिक जिम्मेदारी दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देशवासियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपनी तस्वीरें और सेल्फी 'हर घर तिरंगा' की वेबसाइट पर साझा करते रहें।

(आईएएनएस इनपुट)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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