Himachal Election: बीजेपी (BJP) हमेशा से अपने विरोधियों पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है। खासकर कांग्रेस (Congress) के मामले में वो हमेशा से गांधी-नेहरू परिवार की इसके लिए आलोचना करती रही है, लेकिन हिमाचल में बीजेपी ने जिस तरीके से टिकट बांटा है, उससे अब वो भी परिवारवाद के सवालों के घेरे में आती दिख रही है।
ये नाम हैं शामिल
हिमाचल में पांच ऐसी सीटें हैं, जहां बीजेपी ने नेताओं के परिवारों को टिकट दिया है। कहीं पर पत्नी को उम्मीदवार बनवाया है, तो कहीं पर बेटे को। भाजपा ने उम्मीदों के विपरीत जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के पुत्र रजत ठाकुर (धर्मपुर), पूर्व मंत्री नरिंदर ब्रगटा के पुत्र चेतन ब्रगटा (जुब्बल ) और पूर्व मंत्री आईडी धीमान के पुत्र अनिल धीमान (भोरंज) को विधानसभा के लिए मैदान में उतारा है।
लिस्ट में ये क्षेत्र भी
वहीं हमीरपुर की बड़सर सीट से भाजपा ने माया शर्मा को टिकट दिया है। माया शर्मा, भाजपा नेता बलदेव शर्मा की पत्नी हैं। सोलन सीट से राजेश कश्यप चुनावी मैदान में है। राजेश कश्यप के भाई विरेंद्र कश्यप बड़े नेता हैं और दो बार सांसद रह चुके हैं।
कांग्रेस भी पीछे नहीं
यही कारण है कि भाजपा हिमाचल में अब परिवारवाद के मुद्दे को लेकर बैकफुट पर है। विपक्ष उसे इस मुद्दे पर घेर भी रहा है। वहीं बात अगर कांग्रेस की हो तो वो भी इस मामले में पीछे नहीं है। कांग्रेस ने 11 नेताओं के परिवारों को टिकट दिया है। हिमाचल चुनाव में इस बार 16 नेताओं की बेटे-बेटियां और पत्नी चुनावी मैदान में हैं।
