mathura's shahi idgah mosque case: मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई करते हुए मुस्लिम पक्ष से कहा कि वो ये तय करे कि हाईकोर्ट के सिंगल बेंच के फैसले को डबल बेंच में चैलेंज करना है या नहीं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्य मामले की सुनवाई पर कोई रोक नहीं लगाई। इस मामले में अगली सुनवाई नवंबर होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच ने 1 अगस्त को दिए आदेश में हिंदू पक्ष की याचिकाओं को सुनवाई योग्य माना था। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की आपत्तियों को नकारते हुए कहा था कि मथुरा की शाही ईदगाह के धार्मिक चरित्र का पता लगाने को सुनवाई की जा सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के कोर्ट कमिश्नर सर्वे पर पहले से ही रोक लगा रखी है।
आपको बता दें कि ये पूरा विवाद 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा हुआ है। इस जमीन के 11 एकड़ में श्रीकृष्ण जन्मभूमि है तो वहीं बाकी बचे 2.37 एकड़ में शाही ईदगाह मस्जिद बनी है।
हिंदू पक्ष का दावा है कि कंस का कारागार यानि कि असली कृष्ण जन्मभूमि मंदिर इसी मस्जिद की जगह पर था। जिसे 1670 में औरंगजेब ने तुड़वा दिया था। पिछले 350 सालों से ये विवाद चला आ रहा है। आरोप है कि मुस्लिम पक्ष ने मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण करके मस्जिद को बनाया।
