ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले से पैदा हुई परिस्थितियों की जद में चाहे-अनचाहे पूरी दुनिया आती दिख रही है। पश्चिम एशिया खासकर कतर में एलएनजी का उत्पादन रुकने और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत समेत दुनिया के कई देशों में उर्जा संकट खड़ा होता दिख रहा है। हालांकि भारत में अभी हालात इतने बुरे नहीं हुए हैं कि उन्हें संभाला न जा सके। बावजूद इसके हालातों को संभालने के लिए भारत सरकार ने अभी से कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस संकट से निपटने के लिए, भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है और घरेलू रसोइयों (PNG) व वाहनों (CNG) के लिए 100% आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार के अलावा, भारत की राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर जरूरी कदम उठा रही हैं। इसी क्रम में गुजरात सरकार ने भी उद्योगों को गैस आपूर्ति में 50 प्रतिशत तक कटौती करने की बात कही है।
गुजरात सरकार ने उठाया बड़ा कदम
पश्चिम एशिया संकट से गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गुजरात सरकार ने घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों को होने वाली गैस आपूर्ति में 50 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। गुजरात के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने मंगलवार को विधानसभा सत्र से पहले यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी घर में रसोई गैस सिलेंडर की कमी न हो।
उर्वरक और दूध प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए गैस आपूर्ति में लगभग 40 प्रतिशत कटौती
उन्होंने कहा कि गैस की घरेलू खपत को प्राथमिकता देने के लिए कुछ औद्योगिक उपयोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों को मिलने वाली गैस आपूर्ति में 50 प्रतिशत की कटौती की गई है। उर्वरक और दूध प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए गैस आपूर्ति में लगभग 40 प्रतिशत कटौती की गई है। पटेल ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की नियमित और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
वाणिज्यिक गैस सिलेंडर पर कोई कटौती या प्रतिबंध नहीं
उन्होंने गुजरात के राजकोट में होटल और रेस्तरां को वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर संभावित प्रतिबंध से जुड़े सवाल पर कहा कि फिलहाल वाणिज्यिक गैस सिलेंडर पर कोई कटौती या प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का तत्काल ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि घरों की रसोई सामान्य रूप से चलती रहें और घरेलू गैस आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
राजस्थान में एलपीजी संकट गहराया
ईरान इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव के मध्य राजस्थान में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत सामने आ गई है। जयपुर में हालत ये है कि 7 दिनों बाद की बुकिंग लंबित पड़ी है और वितरकों के पास सिर्फ एक दिन का स्टॉक बचा है। कंपनियां चुप हैं, लेकिन संकट बढ़ता दिख रहा है। उपभोक्ता अब ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने के चलते एजेंसियों के कार्यालय में चक्कर लगा रहे है।
भारत सरकार ने उठाए एहतियाती कदम
भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 9 मार्च 2026 को जारी एक गजट अधिसूचना (Natural Gas Supply Regulation Order, 2026) है। इसमें प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाए गए हैं। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आने वाली LNG (Liquefied Natural Gas) की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। गैस सप्लायर कंपनियों ने Force Majeure (अपरिहार्य स्थिति) लागू कर दिया है, यानी वे पहले की तरह सप्लाई देने में सक्षम नहीं हैं। इस स्थिति में भारत सरकार ने तय किया कि प्राकृतिक गैस की सीमित उपलब्धता को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पहले दिया जाए ताकि जरूरी सेवाएँ प्रभावित न हों। यह आदेश Essential Commodities Act, 1955 के तहत सरकार की शक्तियों का उपयोग करके जारी किया गया है।
