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दूसरे प्रेमी से कराई पहले लवर की हत्या, पति पहले ही... गुजरात में अवैध रिश्तों का खौफनाक अंत; कहानी जानकर आप भी रह जाएंगे दंग!

Gujarat Crime News: गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा में अक्टूबर 2025 में नहर से मिले एक शव के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। पहले इसे आकस्मिक मृत्यु मानकर एडी दर्ज की गई थी, लेकिन करीब एक साल बाद जांच में सामने आया कि यह सुनियोजित हत्या थी।

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गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा में अवैध संबंध का चौंकाने वाला खुलासा। AI IMAGE

Gujarat Crime News: गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा में अक्टूबर 2025 में नहर से मिले एक शव के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। पहले इसे आकस्मिक मृत्यु मानकर एडी दर्ज की गई थी, लेकिन करीब एक साल बाद जांच में सामने आया कि यह सुनियोजित हत्या थी। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों कांतिलाल उर्फ भरत साबरिया और जागृति उर्फ जागु शांतिगिरि गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे अवैध संबंध और साथ रहने की मंशा मुख्य कारण थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक शांतिगिरि ट्रक ड्राइवर था। उसकी पहली पत्नी से एक बेटा और एक बेटी हैं और उससे तलाक हो चुका था। वहीं जागृति की पहले सुखदेवगिरि के साथ शादी हुई थी, जिससे उसे एक बेटा और एक बेटी हैं। सुखदेवगिरि और शांतिगिरि दोनों सगे भाई हैं। इस तरह शांतिगिरि रिश्ते में जागृति का जेठ लगता था।

जागृति और शांतिगिरि के बीच बन गए थे प्रेम संबंध

जांच में सामने आया कि कुछ समय बाद जागृति और शांतिगिरि के बीच प्रेम संबंध बन गए थे, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। उसी दौरान ट्रक ड्राइवर कांतिलाल उर्फ भरत की दोस्ती शांतिगिरि से हुई। करीब 12-13 साल पहले कांतिलाल गांव में रहने आया और बाद में शांतिगिरि के घर रहने लगा। इसी दौरान जागृति और कांतिलाल के बीच भी संबंध बन गए।

पुलिस के अनुसार, शांतिगिरि लंबे समय तक ट्रक लेकर बाहर रहता था। इसी का फायदा उठाकर दोनों के बीच संबंध गहरे होते गए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि जागृति के गांव के अन्य पुरुषों से भी संबंध थे। समय के साथ कांतिलाल और जागृति ने तय किया कि यदि शांतिगिरि को रास्ते से हटा दिया जाए तो वे सामान्य जीवन जी सकेंगे।

पुलिस यूनुस को इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह मान रही

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2025 को शांतिगिरि ट्रक ड्यूटी से घर लौटा था। उसी दिन हत्या की योजना को अंजाम देने का फैसला किया गया। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी जागृति ने यूनुस नाम के व्यक्ति को शांतिगिरि की हत्या के लिए 25 हजार रुपये देने की बात कही थी। हालांकि यूनुस ने हत्या नहीं की और सोते हुए शांतिगिरि की तस्वीर भेजकर झूठा दावा किया कि काम पूरा हो गया। बाद में उसे पता चला कि शांतिगिरि जिंदा है। पुलिस यूनुस को इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह मान रही है।

जांच के अनुसार, 7 अक्टूबर की दोपहर घर में सामान्य बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान योजना के तहत कांतिलाल और जागृति ने शांतिगिरि पर हमला किया। कांतिलाल ने उसका सिर दीवार में दे मारा जबकि जागृति ने तकिए से उसका मुंह दबाया। बाद में दोनों ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को घर में खाट के पीछे छिपा दिया गया। उसी रात करीब 2:30 बजे दोनों ने दीपक उर्फ मुन्ना नाम के युवक को बुलाया। पुलिस के मुताबिक दीपक जागृति के संपर्क में था और उसे डराकर तथा हत्या में फंसाने की धमकी देकर शव ठिकाने लगाने में शामिल किया गया।

इसके बाद आरोपियों ने अपने परिचित ललित उर्फ टीना से मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर चार पहिया वाहन मंगवाया। शव को वाहन में रखकर नहर तक ले जाया गया और वहां फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और शरीर घसीटे जाने के निशान मिलने की पुष्टि हुई थी। हालांकि उस समय मामला स्पष्ट नहीं हो पाया था और आकस्मिक मृत्यु के रूप में दर्ज हुआ था।

पुलिस ने क्या दी जानकारी?

पुलिस के अनुसार हत्या के बाद भी जागृति और कांतिलाल सामान्य रूप से उसी घर में रह रहे थे। लोगों से कहा जाता था कि शांतिगिरि ट्रक ड्यूटी पर गया है या किसी दूसरी एजेंसी में काम कर रहा है। उसका मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया था। तकनीकी जांच में सामने आया कि 7 अक्टूबर के बाद मृतक का मोबाइल कभी चालू नहीं हुआ।

क्राइम ब्रांच को हाल ही में मानवीय खुफिया सूचना और गवाहों से मिले इनपुट के आधार पर शक गहराया। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर ध्रांगध्रा पुलिस को सौंप दिया है। मामले में हत्या का केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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