Pakistani spy from Kutch : गुजरात में आतंकवाद निरोध दस्ते ने कच्छ सीमावर्ती इलाके से एक जासूस को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार जासूस की पहचान सहदेवसिंह गोहिल के रूप में हुई है जो कि इलाके में स्वास्थ्यकर्मी के रूप में काम करता था। वह भारतीय सीमा की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान भेज रहा था। बताया जा रहा है कि गोहिल ने गुजरात के कई इलाक की जानकारी साझा की है। एक बार की जासूसी के लिए उसे पाकिस्तान से 40 हजार रुपए मिलते थे। उसके फोन को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है।
आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था शहजाद
शहजाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक रामपुर का रहने वाला शहजाद तीन बार पाकिस्तान और 10 बार दुबई जा चुका था। दो बार उसने अपनी पत्नी को भी पाकिस्तान ले गया था। शहजाद से हुई शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह पहले ड्राइवर था, फिर तस्करी में शामिल हुआ और धीरे-धीरे ISI के लिए जासूसी करने लगा। सूत्रों के मुताबिक, शहजाद ने ISI के कहने पर उसके एजेंटों को फर्जी नामों पर सिम कार्ड दिलवाए और पैसे की व्यवस्था की। शहजाद पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी अहसान उर रहमान उर्फ दानिश के साथ लंबे समय से संपर्क में था। ATS सूत्रों के मुताबिक ATS की रडार पर अब वो लोग हैं जो शहजाद के संपर्क में थे। इसमें से कई रामपुर के स्थानीय निवासी भी है। 18 मई को यूपी एटीएस ने मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था।
जासूसी के आरोप में नोएडा-वाराणसी में गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने नोएडा और वाराणसी में अलग-अलग अभियानों में दो व्यक्तियों को अवैध वीजा सुविधा के नाम पर धन उगाही करने और पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि दिल्ली के सीलमपुर निवासी मोहम्मद हारुन (45) को नोएडा से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया है। हारुन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप है। एटीएस उत्तर प्रदेश को यह सूचना मिली थी कि हारून जो कबाड़ का काम करता है, पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी मुजम्मल हुसैन के साथ मिलकर पाकिस्तान का वीजा दिलवाने के नाम पर अवैध धन वसूली कर रहा है तथा उसके साथ राष्ट्र हित से जुड़ी सुरक्षा सम्बन्धित सूचना साझा कर देश-विरोधी गतिविधियों में लिप्त है।
पाकिस्तान उच्चायोग में हुसैन के संपर्क में आया
बयान के अनुसार एटीएस की छानबीन में यह तथ्य प्रकाश में आया कि हारून लगातार मुजम्मल हुसैन नाम के व्यक्ति के संपर्क में है, जो पाकिस्तान का रहने वाला है और पाकिस्तानी उच्चायोग, नई दिल्ली में काम करता है। एटीएस के मुताबिक हारुन से पूछताछ से पता चला कि उसकी पाकिस्तान में रिश्तेदारी है जिस कारण वहां जाने- आने के कारण पाकिस्तान उच्चायोग में वह मुजम्मल हुसैन के संपर्क में आया।
