केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुजरात के अहमदाबाद में माता उमिया धाम परिसर में नवनिर्मित 'श्री जे एस पटेल छात्रावास भवन' का भव्य लोकार्पण किया। इस गरिमामयी अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह नवनिर्मित हॉस्टल न केवल आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि राज्य के युवाओं को बेहतर भविष्य निर्माण के लिए एक मजबूत आधारभूत संरचना भी प्रदान करेगा। इस दौरान अमित शाह ने घुसपैठियों को लेकर भी हमला बोला।
शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक क्रांति
समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने बताया कि माँ उमिया के पावन सान्निध्य में निर्मित यह 13 मंजिला भव्य इमारत लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। इस अत्याधुनिक छात्रालय में 1600 विद्यार्थियों के रहने और अभ्यास करने की आधुनिक व्यवस्था की गई है। शाह ने विश्वास जताया कि इस विश्वसनीय और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ पूरे गुजरात के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा, जिससे वे देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।
पाटीदार समाज का अतुलनीय योगदान
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने गुजरात और पाटीदार समाज के गहरे अंतर्संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों में पाटीदार समाज ने जो प्रगति की है, उसका पूरे भारत में कोई सानी नहीं है। गुजरात और पाटीदार समाज का विकास एक-दूसरे के समानांतर हुआ है।
उन्होंने समाज की सराहना करते हुए कहा, "यदि त्याग, तपस्या, पारदर्शिता, प्रामाणिकता, पुरुषार्थ और देशभक्ति को एक साथ देखना हो, तो वो पाटीदार समाज में समाहित हैं।" आज कृषि, टेक्सटाइल, सिरेमिक्स, डायमंड, फार्मास्युटिकल्स और रियल एस्टेट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में इस समाज ने अपनी मेहनत से दबदबा कायम किया है। उन्होंने समाज की सादगी और समावेशी विचार की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य समाजों के लिए एक 'मॉडल' बताया।
सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव पर बड़ा प्रहार
राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र करते हुए कहा कि पांच दशकों से देश के लिए नासूर बने नक्सलवाद को 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का ऐतिहासिक काम सरकार ने किया है। बंगाल में हुए राजनीतिक परिवर्तन और सरकार गठन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब वहां घुसपैठ पर कड़ा अंकुश लगा है और पूर्व में आने वाले घुसपैठिए अब वापस लौट रहे हैं।
गृह मंत्री ने जनसंख्या में होने वाले अप्राकृतिक बदलावों को रोकने के लिए मोदी सरकार द्वारा गठित 'हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेस' का विशेष रूप से उल्लेख किया। गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई यह कमेटी डेमोग्राफिक चेंज मिशन के तहत जनसंख्या में होने वाले अवैध और अप्राकृतिक बदलावों का अध्ययन करेगी, उनके कारणों का पता लगाएगी और समाधान के उपाय सुझाएगी।
संवैधानिक मर्यादा और नागरिकों का अधिकार
चुनाव आयोग के 'एसआईआर' (SIR) कदम का समर्थन करते हुए शाह ने विपक्ष के दुष्प्रचार पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने भी अपने निर्णय में 'SIR' को संवैधानिक रूप से पूर्णतया सही ठहराया है। गृह मंत्री ने अंत में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मोदी सरकार का यह दृढ़ विश्वास है कि इस देश का भविष्य तय करने का हक सिर्फ और सिर्फ भारत के वैध नागरिकों को है, देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले घुसपैठियों को कतई नहीं।
