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अयोध्या में भव्य राम मंदिर अशोक सिंहल जैसे दिग्गजों की कोशिशों का परिणाम, पीएम मोदी ने किया दिवंगत VHP नेता को याद

प्रधानमंत्री ने 1991 में दिल्ली के बोट क्लब में सिंहल के संबोधन और आंदोलन के दौरान उनके घायल व लहुलुहान होने की ऐतिहासिक तस्वीर को याद करते हुए कहा, आज यदि अयोध्या में भव्य राम मंदिर है, तो यह उन जैसे दिग्गजों के कारण है...

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पीएम मोदी ने किया अशोक सिंघल को याद

Photo : PTI

Ashok Singhal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत वरिष्ठ नेता अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण अशोक सिंहल जैसे दिग्गजों के निष्काम और निस्वार्थ प्रयासों के कारण ही संभव हो सका है। वीएचपी नेता की जयंती (27 सितंबर) के अगले दिन देश के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित अपने हस्ताक्षरित ओप-एड लेख में प्रधानमंत्री ने अशोक सिंहल के जीवन, विचारों, सामाजिक समरसता और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से याद किया।

राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका

पीएम मोदी ने लिखा - “1991 में बोट क्लब रैली में दिए गए उनके भाषण को कौन भूल सकता है? या आंदोलन के चरम पर घायल और खून से लथपथ अशोक जी की उस यादगार तस्वीर को। आज अगर अयोध्या में भव्य राम मंदिर है, तो यह उन्हीं जैसे दिग्गजों की बदौलत है जिन्होंने निस्वार्थ भाव से इसे साकार करने के प्रयास में अपना जीवन समर्पित कर दिया। अयोध्या में राम मंदिर को आकार लेते देखकर सिंघल सबसे अधिक प्रसन्न होते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंघल ने सामाजिक एकता और समानता को मजबूत करने की दिशा में काम किया और उनका दृढ़ विश्वास था कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति समान गरिमा और सम्मान का हकदार है। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता का यह विचार था कि अयोध्या में राम मंदिर की पहली ईंट बिहार के जमीनी स्तर के वीएचपी कार्यकर्ता कामेश्वर चौपाल द्वारा रखी जाए, जो समाज के हाशिए पर स्थित वर्ग से आते थे। काशी (वाराणसी) में एक धर्म संसद में उन्होंने डोम राजा को सम्मानित करने का निश्चय किया और विभिन्न सामुदायिक प्रयासों के तहत उनके साथ काम करना शुरू किया।

प्रधानमंत्री के अनुसार, सिंघल का मन हमेशा इस बात पर लगा रहता था कि समाज के हाशिये पर रहने वालों के लिए और क्या किया जा सकता है। सिंघल को राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित एक महान व्यक्तित्व बताते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने कई दशकों तक विश्व हिंदू परिषद के नेता को दिन-रात काम करते देखा है और वे अक्सर सुदूरतम क्षेत्रों की लंबी और कठिन यात्राएं करते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिंघल को गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों की यात्रा करने का विशेष शौक था और उन्होंने यह भी बताया कि 2001 के कच्छ भूकंप के बाद सिंघल के साथ उनका अपना अनुभव अविस्मरणीय था।

कामेश्वर चौपाल और डोम राजा का उदाहरण

अयोध्या में राम मंदिर का पहला पत्थर (शिलान्यास) समाज के वंचित वर्ग से आने वाले बिहार के जमीनी वीएचपी कार्यकर्ता कामेश्वर चौपाल द्वारा रखवाना अशोक सिंहल की ही सोच थी। काशी (वाराणसी) में धर्म संसद के दौरान उन्होंने डोम राजा को सम्मानित करने का निर्णय लिया और सामुदायिक प्रयासों के तहत उनके साथ मिलकर काम किया।

निजी यादें और शुरुआती जीवन का प्रभाव

पीएम मोदी ने 1981 की अपनी याद साझा करते हुए बताया कि जब वे एक युवा संगठन कार्यकर्ता थे, तब उन्हें अशोक सिंहल का एक हस्तलिखित पत्र मिला था, जिसमें एक आगामी कार्यक्रम का जिक्र था और उन्हें कुछ जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

समृद्ध परिवार से थे सिंहल

अशोक सिंहल का जन्म 27 सितंबर 1926 को हुआ था और 17 नवंबर 2015 को उनका निधन हुआ। वे एक बहुत ही प्रतिष्ठित और समृद्ध परिवार से आते थे। उनके पिता महावीर सिंहल एक प्रतिष्ठित प्रशासक थे। उनके एक भाई बी.पी. सिंहल पुलिस अधिकारी और बाद में सांसद (MP) बने, जबकि दूसरे भाई वी.पी. सिंहल त्रिपुरा राज्य के गठन के समय वहां के मुख्य सचिव रहे। प्रयागराज में बड़े हुए सिंहल घंटों संगम के तट पर बैठकर संतों, साधुओं और श्रद्धालुओं को देखा करते थे। इसी सांस्कृतिक चेतना ने उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित किया और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े।

सांगठनिक क्षमता और दो ऐतिहासिक क्षण- प्रधानमंत्री ने सिंहल की अद्भुत सांगठनिक क्षमता को दर्शाने वाली दो अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का विशेष जिक्र किया।

1993 (अमेरिका - शिकागो)

स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण के 100 वर्ष पूरे होने पर वीएचपी ने अमेरिका में एक सम्मेलन आयोजित किया था, जो सिंहल की दूरदर्शिता का प्रमाण था।

2000 (पोर्ट ऑफ स्पेन, त्रिनिदाद और टोबैगो)

विश्व हिंदू सम्मेलन के दौरान उनकी उपस्थिति ने प्रतिनिधियों में भारी उत्साह भरा था। पीएम मोदी ने बताया कि उनके भाषण के बाद सिंहल के प्रोत्साहन भरे शब्दों ने उन्हें ऊर्जा से भर दिया था।

शिक्षा, संगीत और बीएचयू से जुड़ाव

वाराणसी (काशी) के सांसद के रूप में गर्व व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अशोक सिंहल ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से शिक्षा प्राप्त की थी और वे एक मेधावी छात्र थे। उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी शिक्षा पहुंचाने के लिए 'एकल विद्यालय' पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिंहल को पढ़ने का बहुत शौक था और वे एक बेहतरीन गायक भी थे। नागपुर की बैठकों में जब वे 'एकल गीत' गाते थे, तो पूरा माहौल मंत्रमुग्ध हो जाता था। 2001 में गुजरात के कच्छ में आए भीषण भूकंप के समय अशोक सिंहल खुद प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे थे और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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