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राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, बोले- 13 करोड़ मतदाताओं के हक की आवाज दबाना शर्मनाक

जर्मनी के बर्लिन में आयोजित एक सम्मेलन में होने के कारण मार्च में शामिल न हो सके तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

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शशि थरूर का सरकार पर निशाना

Shashi Tharoor: संसद भवन परिसर से निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों की पुलिस द्वारा जब्रन हिरासत पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। थरूर ने सरकार की इस कार्रवाई को शर्मनाक और भारतीय लोकतंत्र का चीरहरण करार दिया। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित एक सम्मेलन में होने के कारण मार्च में शामिल न हो सके तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

उन्होंने लिखा- नई दिल्ली से सामने आई तस्वीरों में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ की गई बदसलूकी और उन्हें घसीटकर हिरासत में लिए जाते देखना बेहद भयावह और स्तब्ध करने वाला है। थरूर ने कहा कि जब 13 करोड़ मतदाताओं के अधिकारों को छीना जा रहा हो, ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन करना हर उस नागरिक के साथ खड़े होना है जिसके संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने आगे लिखा- सरकार का रवैया शर्मनाक: "इस शांतिपूर्ण विरोध पर सरकार की यह प्रतिक्रिया बेहद शर्मनाक है। चार महीने पहले बर्लिन के सम्मेलन का वादा होने के कारण मैं दूर से ही अपनी एकजुटता व्यक्त कर रहा हूं, लेकिन मेरा दिल वहीं अपने साथियों के साथ है। न्याय की जीत जरूर होगी!"

8 घंटे का धरना और देर रात रिहाई का घटनाक्रम

चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे INDIA गठबंधन के सांसदों को पुलिस ने आकाशवाणी भवन (आकाशवाणी परिसर) के पास रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य सांसदों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे तक चले इस धरने के बाद मंगलवार शाम पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर को खाली कराने के लिए बल प्रयोग किया। पुलिस ने राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, चरणजीत सिंह चन्नी, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रणीति शिंदे, वर्षा गायकवाड़ और इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया।

किंग्सवे कैंप ले जाया गया

हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को न्यू पुलिस लाइन्स (किंग्सवे कैंप) ले जाया गया, जहां से देर रात लगभग 10 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि 13 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार और चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध कर रहे सांसदों पर पुलिसिया कार्रवाई लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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