AIIMS server hacking: देश के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का सर्वर हैक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि चीन के हैकर्स ने एम्स के सर्वर पर साइबर हमला किया था। सर्वर की हैकिंग दो जगहों चीन और हॉन्गकॉन्ग से की गई थी। चीन और हॉन्गकॉन्ग से हैकर्स ने 100 सर्वर में पांच को हैक कर लिया था। हालांकि पांचों सर्वर से डाटा निकाल लिया गया है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि करीब 100 सर्वर में से 5 सर्वर पूरी तरीके से हैक किए गए थे जिन्हें केद्रीय एजेंसियों ने रिट्रीव कर ठीक कर लिया है।
डाटा दोबारा हासिल किए गए
रिपोर्टों में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि हैकिंग के बाद सर्वर में भारी क्षति पहुंचाई जा सकती थी लेकिन इस पर नियंत्रण हासिल हो गया है। पांच सर्वरों के डाटा को सफलतापूर्वक दोबारा हासिल कर लिया गया है। रिपोर्टों में एम्स के अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अस्पताल के चार से पांच सर्वरों को जब्त किया है। भविष्य में हैकर्स सर्वर में सेंधमारी न कर पाएं, इसके लिए सिस्टम में साइबर सुरक्षा और पुख्ता की जा रही है। एम्स के सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में मजबूत सॉफ्टवेयर डाले जा रहे हैं।
जांच के लिए सीएफएसएल भेजे गए थे सर्वर
सूत्रों का कहना है कि प्रभावित दोनों सर्वर को सीएफएसएल लैब में जांच के लिए भेजा गया था। वहां से रिपोर्ट जल्द दिल्ली पुलिस को मिल जाएगी। दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट हैकिंग की ओरिजन को पता करने में जुटी हुई थी, सर्वर ठीक करने का काम दूसरी एजेंसी कर रही थी।
23 नवंबर को एम्स के सर्वर पर हुआ साइबर अटैक
गत 23 नवंबर को एम्स के सर्वर पर साइबर अटैक की घटना हुई थी। इस अटैक को लेकर साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू की लेकिन शुरुआत में इस बात का पता नहीं चल पाया कि यह हमला कहां से और किसने किया है। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलीजेंस फ्यूजन स्ट्रैट्रिक आपरेशंस (आइएफएसओ) को हमले में इस्तेमाल ईमेल का आइपी एड्रेस हांगकांग के होने की जानकारी मिली। फिर दिल्ली पुलिस ने इस मामले की सूचना विदेश मंत्रालय को दी।
