रक्षाबंधन का त्योहार करीब आते ही देश के बाजारों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। दुकानें रंग-बिरंगी राखियों, फैंसी गिफ्ट पैक, चॉकलेट, नए कपड़ों, परफ्यूम और घड़ियों से सजी हुई हैं। बहनें अपने भाइयों के लिए खरीदारी करने बाजार पहुंच तो रही हैं, लेकिन इस बार बढ़ती महंगाई उनके उत्साह पर थोड़ा भारी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक बाजारों में आ रहे हैं और त्योहार की तैयारियां भी चल रही हैं, लेकिन सामान के दाम बढ़ने के कारण लोग बहुत सोच-समझकर और सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं।
उपहारों की बढ़ती कीमत और बजट का नया गणित
हर बार की तरह इस बार भी बहनें अपने भाइयों के लिए राखियों के साथ-साथ खास गिफ्ट और मिठाइयां खरीद रही हैं, लेकिन चीजों की ऊंची कीमतों ने त्योहार का पूरा बजट बिगाड़ दिया है। चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और रेडीमेड गिफ्ट पैक के दाम पिछले सालों की तुलना में काफी बढ़ गए हैं। जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता देख बहनों ने अपने बजट को संतुलित करने का नया तरीका निकाला है। कई ग्राहक समय बचाने और बजट में रहने के लिए पहले से तैयार (रेडीमेड) गिफ्ट पैक चुन रहे हैं, तो वहीं ज्यादातर बहनें भारी-भरकम उपहारों के बजाय हल्के और किफायती गिफ्ट्स को प्राथमिकता दे रही हैं।
आधा किलो का डिब्बा सिमटकर हुआ पाव भर
रक्षाबंधन पर भाइयों का मुंह मीठा कराना इस बार पहले से कहीं ज्यादा महंगा साबित हो रहा है। चीनी और कच्चे माल की कीमतों में आई तेजी के कारण मिठाइयों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसका सीधा असर त्योहार की खरीदारी पर दिखाई दे रहा है। बाजार में आई बहनों का कहना है कि जहां वे हर साल अपने भाइयों के लिए कम से कम आधा किलो (500 ग्राम) या उससे बड़ा मिठाई का डिब्बा ले जाती थीं, वहीं इस बार मजबूरी में उन्हें 250 ग्राम के डिब्बे से ही काम चलाना पड़ रहा है। हालांकि, हलवाइयों और मिठाई की दुकानों पर त्योहार के लिए अग्रिम ऑर्डर मिले, लेकिन दुकानदारों को भी डर है कि मिठाइयों की ऊंची कीमतें कुल बिक्री को प्रभावित कर सकती हैं।
राखी की कीमतों में उछाल से बिगड़ा गणित
महंगाई की मार राखियों की कीमतों पर भी पड़ी है। फैंसी और स्पेशल राखियों के दाम में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में जो स्पेशल राखी पिछले साल तक करीब 200 रुपये में मिल जाती थी, उसकी कीमत इस बार 300 रुपये के पार पहुंच चुकी है। इसी तरह, आम फैंसी राखियों की रेंज भी 20 रुपये से शुरू होकर 200 रुपये और कई जगह 400 रुपये तक जा पहुंची है। राखियों के इतने ऊंचे दामों ने बहनों के बजट का गणित पूरी तरह बिगाड़ दिया है। इसके बावजूद, बहनों का प्यार कम नहीं हुआ है और वे अपनी क्षमता व बजट के अनुसार ही राखियां चुन रही हैं।
त्योहार के दिन बिक्री में तेजी आने की उम्मीद
भले ही अभी महंगाई के चलते खरीदारी थोड़ी सुस्त और सीमित नजर आ रही हो, लेकिन व्यापारियों और दुकानदारों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन के मुख्य दिन बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ेगी और बिक्री में तेजी आएगी। दुकानदारों का मानना है कि अंतिम समय में खरीदारी करने वाले लोगों के आने से बाजार का माहौल बदलेगा और व्यापार में सुधार देखने को मिलेगा।
