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गाजीपुर: सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ FIR, गांजा को लेकर दिया था बयान

Ghazipur: सांसद ने अपने बयान में आगे कहा था कि लखनऊ में भी बड़े-बड़े लोग गांजा पीते हैं, इसलिए भांग की तरह सरकार को इसका भी लाइसेंस देना चाहिए। आपको बताते चलें, अफजाल अंसारी अपने बयान को लेकर अकसर चर्चे में रहते हैं।

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सपा सांसद अफजाल अंसारी पर मुकदमा दर्ज, कहा था- गांजे का लाइसेंस दे सरकार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • सपा सांसद अफजाल अंसारी पर मुकदमा दर्ज, कहा था- गांजे का लाइसेंस दे सरकार

  • गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी के ऊपर 353 (3) बीएनएस के तहत एक मुकदमा दर्ज

  • सपा सांसद अफजाल अंसारी ने गांजे की बिक्री को लेकर लाइसेंस देने की मांग की थी

Afzal Ansari: यूपी के गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ रविवार को बीएनएस की धारा 353(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सपा सांसद ने गांजे को लेकर विवादित टिप्पणी दी थी। सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ गोराबाजार चौकी इंचार्ज राजकुमार शुक्ला की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। सांसद अफजाल अंसारी ने कहा था कि लाखों लोग गांजा पीते हैं और इसे भगवान का प्रसाद मानते हैं। यदि गांजा भगवान का प्रसाद है, तो इसे अवैध क्यों माना जाता है। उन्होंने आगे कहा था कि कई साधु-संत और महात्मा समाज के लोग गांजे का सेवन करते हैं। आगामी कुम्भ मेला के दौरान यदि वहां एक मालगाड़ी गांजा भी भेज दिया जाए, तो भी वह खत्म हो जाएगा।

बड़े-बड़े लोग गांजा पीते हैं गांजा- अफजाल अंसारी

सांसद ने अपने बयान में आगे कहा था कि लखनऊ में भी बड़े-बड़े लोग गांजा पीते हैं, इसलिए भांग की तरह सरकार को इसका भी लाइसेंस देना चाहिए। आपको बताते चलें, अफजाल अंसारी अपने बयान को लेकर अकसर चर्चे में रहते हैं। इससे पहले भी वह अपने बयानों की वजह से सुर्खियां बटोर चुके हैं।

बता दें कि सपा सांसद ने गाजीपुर में गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि अगर शराब और भांग को कानूनी दर्जा प्राप्त है तो गांजे को भी वैध कर दिया जाए। हम कहते हैं कि गांजा को कानून का दर्जा देकर वैध कर दो। लाखों की संख्या में लोग खुलेआम गांजा पी रहे हैं। धार्मिक आयोजनों में लोग गांजा पीते हैं। लोग इसे भगवान का प्रसाद और बूटी बताकर सेवन करते हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा था कि भगवान का प्रसाद अवैध क्यों है भाई, यह दोहरी नीति क्यों? कानून में अवैध और पीने के लिए छूट।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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