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'CM की दौड़ में मैं भी...', सिद्दारमैया और शिवकुमार की खींचतान के बीच इस नेता ने मारी एंट्री; बोले- खरगे करेंगे फैसला

Karnataka CM Post Conflict: कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सियासी उठापटक जारी है। सिद्दारमैया बनाम शिवकुमार वाला मुकाबला अब त्रिकोणीय होता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता ने एंट्री मारी है। उन्होंने कहा कि खरगे जरूरत पड़ने पर नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला लेंगे।

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कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर (बाएं), मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (बीच में) उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (दाएं) (फोटो साभार: @DrParameshwara)

Photo : Twitter

Karnataka CM Post Conflict: कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर सियासी उठापटक जारी है। सिद्दारमैया बनाम शिवकुमार वाला मुकाबला अब त्रिकोणीय होता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि अब मुख्यमंत्री की रेस में एक और नेता शामिल हो गया है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने रविवार को संकेत दिए कि वह भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बने हुए हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह किसी से छिपा नहीं है कि कांग्रेस के भीतर दलित समुदाय से मुख्यमंत्री की मांग कई बार उठी है। दलित समुदाय के कांग्रेस नेताओं, जिनमें वह भी शामिल हैं, और कर्नाटक लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली की बार-बार हो रही बैठकों के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा, "दलित लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की मांग कर रहे हैं।"

परमेश्वर ने क्या कुछ कहा

परमेश्वर की यह टिप्पणी हाल ही में जारकीहोली द्वारा अपने आवास पर दलित समुदाय के नेताओं के लिए आयोजित डिनर के मामले में आई है। उन्होंने बताया कि हमने सतीश जारकीहोली के घर पर साथ में खाना खाया। क्या यह गलत है? हमने बैठक के दौरान राजनीति पर भी बात की। सरकार में मंत्री होने के नाते, हमने विभागों में किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा की।

परमेश्वर ने आगे कहा कि दलित समुदाय के नेता अनुसूचित जातियों (SC) के आंतरिक आरक्षण सहित कई मुद्दों पर चर्चा के लिए मिले हैं। उन्होंने कहा, "हम सब एकमत हैं। आंतरिक आरक्षण पर लड़ाई खत्म हो गई है।" उन्होंने पूछा, "क्या हमें अपनी समस्याओं पर चर्चा नहीं करनी चाहिए?"

'मैं हमेशा CM पद की दौड़ में रहा'

परमेश्वर ने कहा, "मैं हमेशा से मुख्यमंत्री पद की दौड़ में रहा हूं। 2013 में मैं कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का अध्यक्ष था। हम तब कांग्रेस सरकार को सत्ता में लाए थे। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं अकेले सरकार को सत्ता में ले आया। सभी ने मिलकर काम किया। लोगों ने वोट दिया और पार्टी को जिताया। मैं उस समय हार गया था। मुझे नहीं पता कि अगर मैं जीत जाता तो क्या होता। वे केपीसीसी अध्यक्ष को एक मौका देते हैं। कुछ मामलों में इसका पालन नहीं किया जाता।"

क्या बदलने वाला है मुख्यमंत्री?

हालांकि, परमेश्वर ने मुख्यमंत्री परिवर्तन की अटकलों पर कांग्रेस के भीतर अंतर्कलह की खबरों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी या (राज्य) सरकार में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में कोई भी फैसला आलाकमान की अनुमति के बिना नहीं लिया जाता है। नेतृत्व में संभावित बदलाव के बारे में आलाकमान की ओर से कोई बयान आने के बारे में पूछे जाने पर परमेश्वर ने कहा कि बदलाव का सुझाव देना कांग्रेस आलाकमान पर निर्भर करता है, लेकिन अभी वह समय नहीं आया है।

नेतृत्व परिवर्तन पर खरगे लेंगे फैसला!

परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के चयन के दौरान एआईसीसी के पर्यवेक्षक आए थे। यह उनके सामने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हुआ। सिद्दारमैया ने यह नहीं कहा कि वह ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। बीच में बदलाव करना आलाकमान पर निर्भर करता है। जब अवसर आएगा, आलाकमान ऐसा करेगा। उन्होंने बंगारप्पा की जगह वीरप्पा मोइली को नियुक्त किया। मुझे नहीं लगता कि अब वह समय आ गया है।

परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जरूरत पड़ने पर नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा के बाद किसी भी तरह की उलझन का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी विदेश दौरे पर हैं। उनके आने के बाद, अगर पार्टी में कोई घटनाक्रम होता है, तो एआईसीसी अध्यक्ष चर्चा करेंगे और निर्णय लेंगे। एआईसीसी अध्यक्ष कर्नाटक से हैं। राज्य की राजनीति के बारे में जितना वह जानते हैं, उतना कोई नहीं जानता। एआईसीसी अध्यक्ष 50 वर्षों से राजनीति में हैं। वह निर्णय लेते हैं। अगर पार्टी में कोई भ्रम है, तो राहुल गांधी आने के बाद निर्णय लेंगे।"

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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