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अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में FSL रिपोर्ट दाखिल, अदालत ने पुलिस को जांच करने के दिए निर्देश; 27 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

Arvind Kejriwal: FSL ने सोमवार को पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और दो अन्य के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक सीडी की एफएसएल रिपोर्ट दायर की। अदालत ने जांच अधिकारी को जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय की गई है।

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केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में FSL रिपोर्ट दाखिल (ANI)

Photo : ANI

Arvind Kejriwal: फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) ने सोमवार को पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और दो अन्य के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक सीडी की एफएसएल रिपोर्ट दायर की। दिल्ली पुलिस राउज एवेन्यू अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ने सीलबंद रिपोर्ट और परिणाम रिकॉर्ड पर ले लिए। अदालत ने एफएसएल को निर्देश दिया है कि वह रिपोर्ट की एक अतिरिक्त प्रति जांच अधिकारी (आईओ) को उपलब्ध कराए।

27 अगस्त को होगी मामले में अगली सुनवाई

अदालत ने जांच अधिकारी को जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को तय की गई है। एफएसएल का एक अधिकारी सोमवार को अदालत में पेश हुआ। 10 जून को अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एक सीडी से संबंधित रिपोर्ट दाखिल न करने पर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के निदेशक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का नोटिस जारी किया था। इससे पहले, 23 मई को अदालत ने उन्हें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के एक मामले में एक सीडी की जांच करने का निर्देश दिया था। अदालत ने उनसे रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। इस मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल , पूर्व विधायक गुलाब सिंह और एमसीडी पार्षद नितिका शर्मा के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

केजरीवाल

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23 मई को दिल्ली पुलिस ने एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की जिसमें कहा गया कि सीडी को विशेषज्ञ की राय के लिए एफएसएल को भेज दिया गया है और उसके परिणाम की प्रतीक्षा की जा रही है। जांच अधिकारी (आईओ) की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निदेशक को नोटिस जारी कर वर्तमान मामले में शीघ्र परिणाम देने और रिपोर्ट दाखिल करने का अनुरोध किया। 8 मई को जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने धारा 65बी प्रमाण पत्र के साथ तस्वीरों वाली सीडी जारी कर दी। जांच अधिकारी ने दलील दी कि सीडी को एफएसएल को भेजना ज़रूरी है। प्रस्तुत दलीलों से ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में आगे की जाँच के लिए सीडी ज़रूरी है। इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने तस्वीरें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई है, अदालत ने 8 मई को यह बात कही।

अदालत ने 11 मार्च को दिल्ली पुलिस को पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, पूर्व विधायक गुलाब सिंह और एमसीडी पार्षद नितिका शर्मा के खिलाफ 2019 में द्वारका क्षेत्र में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित एक मामले में दायर शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। 28 मार्च को पुलिस ने अदालत को बताया था कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ एक शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायतकर्ता ने द्वारका इलाके में सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। यह निर्देश शिव कुमार सक्सेना द्वारा दायर शिकायत पर पारित किया गया। अदालत ने कहा था कि अदालत का विचार है कि धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत आवेदन स्वीकार किए जाने योग्य है। एसीजेएम मित्तल ने 11 मार्च को आदेश दिया कि तदनुसार, संबंधित एसएचओ को दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2007 की धारा 3 के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है और मामले के तथ्यों से प्रतीत होने वाले किसी भी अन्य अपराध के लिए भी एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाता है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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