Amritsar Official Suicide Case: आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को सोमवार को वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी की मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया। AAP विधायक भुल्लर पर राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
अमृतसर में पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा ने शनिवार तड़के जहर खाकर अपनी जान दे दी। एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने भुल्लर द्वारा परेशान किए जाने का दावा किया है। इस विवाद के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर भुल्लर ने उसी दिन बाद में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
शनिवार रात पुलिस ने भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और निजी सहायक दिलबाग सिंह के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351 (3) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया।
परिवार ने पंजाब के पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के लिए दिया था अल्टीमेटम
भुल्लर पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद आत्महत्या करने वाले एक वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी के परिवार ने सोमवार को राज्य सरकार को भुल्लर को गिरफ्तार करने के लिए 24 घंटे का ’अल्टीमेटम’ दिया था। रंधावा के परिवार ने पहले ही कह दिया है कि जब तक भुल्लर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देंगे।
रंधावा की पत्नी और पेशे से विज्ञान की शिक्षिका उपिंदर कौर ने कहा, 'यह मेरा अल्टीमेटम है कि अगर 24 घंटे के भीतर कुछ नहीं किया गया, तो मैं अपने बच्चों (दो बेटियों और एक बेटे) के साथ सड़कों पर उतर आऊंगी।' सोमवार को सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें रंधावा को जहरीला पदार्थ खाते हुए देखा जा सकता है।
शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें पट्टी क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे रंधावा को यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने एक जहरीला पदार्थ खा लिया और उन्होंने परिवहन मंत्री पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।
वीडियो में रंधावा को कहते हुए सुना गया, 'आपके दोस्त ने मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से सल्फास खा लिया। अब मैं जिंदा नहीं बचूंगा।'
रंधावा क्यों डाल रहा था दबाव?
पुलिस में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में रंधावा की पत्नी ने दावा किया कि उनके पति पर लगातार दबाव डाला जा रहा था कि वह भुल्लर के पिता को गोदाम का टेंडर आवंटित करें और यहां तक कि उन्होंने उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी।
कौर ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके पति ने उन्हें बताया कि उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा था कि किसी भी परिस्थिति में टेंडर भुल्लर के पिता के नाम पर स्वीकृत किया जाना चाहिए।
कौर ने आरोप लगाया कि भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके सहायक कर्मचारी दिलबाग सिंह ने धमकी दी थी कि अगर टेंडर सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर स्वीकृत नहीं हुआ तो रंधावा और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्राथमिकी के अनुसार, 13 मार्च को रंधावा को पट्टी में भुल्लर के घर बुलाया गया था, जहां उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। कौर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति को बंदूक का डर दिखाकर यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया था कि उन्होंने गोदाम का टेंडर किसी अन्य पार्टी को आवंटित करने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे।
हालांकि, पट्टी से विधायक भुल्लर ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। शनिवार को मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है और निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री से पद छोड़ने को कहा है।
