विजयादशमी के दिन आरएएस प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या नियंत्रण को देश के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि यह समय की मांग है और इसे हासिल करने के लिए किसी को छूट नहीं मिलनी चाहिए। अब उनके इस बयान के बाद सियासत जारी है। एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से तुरंत प्रतिक्रिया आई उन्होंने कहा कि जिस डर की बात वो करते हैं उसकी झलक मोहन भागवत के बयान में है। अब ओवैसी के बयान पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन देश के लिए खतरनाक है और इस पर विचार करने की जरूरत है। उनके इस बयान के साथ ही यूपी बीजेपी के पूर्व विधायक संगीत सोम दो कदम और आगे बढ़ गए।
अगर राजपूत समाज सड़क पर उतरा तो
संगीत सोम ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन की वजह से जो समस्याएं सामने आ रही हैं वो तो सबको सामने है, सिर कलम करने की धमकी ही नहीं बल्कि उसे अंजाम भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सूरत में राजपूत समाज को हथियार उठाना पड़ेगा। राजपूत समाज हथियार उठा लेगा तो जो लोग अलगाववाद की बात करते हैं उस तरह की भाषा पर खुद ब खुद लगाम लग जाएगा।
क्या है पूरा मामला
अब बताते हैं कि मोहन भागवत ने विजयादशमी के दिन क्या कहा था। उन्होंने कहा कि जनसंख्या असंतुलन की वजह से ही ईस्ट तिमोर और कोसोवो जैसी दिक्कत सामने आई। हमें इस तथ्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए। जनसंख्या नीति इस तरह की हो जिसमें हर एक की सहमति हो। हम सब समृद्ध भारत बनाने की कोशिश में जुटे हैं और उस कोशिश में यह विषय गंभीर है। इस विषय पर राजनीति के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। हालांकि असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जनसंख्या असंतुलन की वजह से ही हेट क्राइम, अल्पसंख्यकों के खिलाफ विषवमन और अपराधों में इजाफा हुआ है।
