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Pachpadra Refinery Fire: जिस पचपदरा रिफाइनरी का कल पीएम मोदी करने वाले थे उद्घाटन, उसमें आज लग गई आग

Pachpadra Refinery Fire (पचपदरा रिफाइनरी फायर): राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में आग लग गई है। कल इसका पीएम मोदी उद्घाटन करने वाले थे।

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पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग

Pachpadra Refinery Fire (पचपदरा रिफाइनरी फायर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल राजस्थान में जिस पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे, उसमें आग लग गई है। मिली जानकारी के अनुसार दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर रवाना हो गई है। HPCL Rajasthan Refinery Limited द्वारा निर्मित यह रिफाइनरी राजस्थान की पहली अत्याधुनिक तकनीक से लैस इकाई है, जहां बीएस-6 मानक का ईंधन उत्पादन किया जाएगा। यह परियोजना बाड़मेर जिले के पचपदरा क्षेत्र में स्थापित की गई है। खास बात यह है कि इसे देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट माना जाता है, जिसमें रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का संयुक्त विकास किया गया है।

आग लगते ही मच गई अफरा-तफरी

फाइनरी में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल किसी के हताहत होने का समाचार नहीं है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार आग रिफाइनरी के ’क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट’ में लगी। अधिकारियों ने बताया कि दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिशें जारी हैं।अधिकारियों का कहना है कि हालात को काबू करने के लिए आपातकालीन टीमों को लगाया गया है तथा किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भी आज शाम करीब चार बजे रिफाइनरी का दौरा करने का कार्यक्रम है। अधिकारियों ने बताया कि अभी और जानकारी का इंतज़ार है एवं नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

किसकी कितनी हिस्सेदारी?

इस परियोजना में Hindustan Petroleum Corporation Limited की 74% हिस्सेदारी है, जबकि राजस्थान सरकार की भागीदारी 26% है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 79,450 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली यह ऐतिहासिक परियोजना भारत के ऊर्जा और पेट्रोरसायन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

कितना होगा फायदा?

यह 90 लाख टन सालाना क्षमता वाली रिफाइनरी एवं पेट्रोरसायन परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित की गई है। यह अत्याधुनिक संयंत्र तेल शोधन और पेट्रोरसायन उत्पादन को एक साथ जोड़ता है, जिसकी पेट्रोरसायन उत्पादन क्षमता 24 लाख टन प्रति वर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन जटिलता सूचकांक 17.0 है और पेट्रोरसायन उत्पादन का हिस्सा 26 प्रतिशत से अधिक है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोरसायन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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