PM Modi Rajasthan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के दौरे पर रहेंगे, जहां वह बालोतरा जिले के पचपदरा में बनी आधुनिक रिफाइनरी का शुभारंभ करेंगे। यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस रिफाइनरी के शुरू होने से राज्य के राजस्व में वृद्धि, रोजगार के नए अवसर और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान की पहली आधुनिक बीएस-6 तकनीक वाली रिफाइनरी
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HPCL Rajasthan Refinery Limited) द्वारा विकसित यह रिफाइनरी राज्य की पहली ऐसी आधुनिक तकनीक वाली इकाई है, जहां बीएस-6 मानक का ईंधन तैयार किया जाएगा। यह रिफाइनरी बाड़मेर जिले के पचपदरा क्षेत्र में स्थापित की गई है और इसे भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसमें रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स दोनों को एक साथ विकसित किया गया है। इस परियोजना में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Hindustan Petroleum Corporation Limited) की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत भागीदारी है।
कच्चे तेल की टेस्टिंग सफल, जल्द शुरू होगी सप्लाई
रिफाइनरी के संचालन से पहले मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल (एमपीटी) नागाणा और मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) से पाइपलाइन के जरिए लाए गए कच्चे तेल की सफल टेस्टिंग हो चुकी है। बताया जा रहा है कि अगले दो महीनों के भीतर यहां से ईंधन की सप्लाई शुरू करने की तैयारी है। फिलहाल, केयर्न वेदांता द्वारा बाड़मेर में एमपीटी से रोजाना करीब 75 हजार बैरल कच्चे तेल का उत्पादन किया जा रहा है। यह तेल अभी पाइपलाइन के माध्यम से गुजरात के सलाया स्थित प्रोसेसिंग यूनिट तक भेजा जाता है, जहां से इसे अन्य रिफाइनरियों को सप्लाई किया जाता है। रिफाइनरी के शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया राजस्थान में ही पूरी होगी, जिससे राज्य को टैक्स और राजस्व का सीधा लाभ मिलेगा।
क्षमता और उत्पादन की बड़ी योजना
पचपदरा रिफाइनरी की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां हर साल करीब 9 मिलियन टन कच्चे तेल की रिफाइनिंग की जा सकेगी, जबकि 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी स्थापित किया गया है। इस परियोजना के तहत करीब 7.5 मिलियन टन कच्चा तेल अरब देशों से आयात किया जाएगा, जबकि 1.5 मिलियन टन तेल राजस्थान में ही उत्पादित कर स्थानीय स्तर पर उपयोग किया जाएगा।
पर्यावरण और तकनीक पर विशेष ध्यान
इस रिफाइनरी की एक बड़ी खासियत यह है कि यहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान होगा। इसके साथ ही यहां से केवल पेट्रोल, डीजल और केरोसिन ही नहीं, बल्कि पॉलीप्रोपलीन, पॉलीएथिलीन, बेंजीन और ब्यूटाडीन जैसे पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे, जो उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
