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पाकिस्तान का इंडियन आर्मी के खिलाफ डिजिटली प्रोपेगैंडा पकड़ा गया, पूर्व सेनाध्यक्ष ने बना दी ये फेक वीडियो

Pakistani Propaganda Against Indian Army: भारत सरकार की फेक्ट चेक एजेंसी PIB ने पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा की पोल खोल दी है। एक पोस्ट में PIB ने कहा कि यह एक AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

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पाकिस्तान का इंडियन आर्मी के खिलाफ डिजिटली प्रोपेगैंडा पकड़ा गया

Manoj Pande Video Fact Check: पाकिस्तान, इंडियन आर्मी व उनके अधिकारियों के खिलाफ गलत खबर फैला रहा है। पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स एक ऐसी वीडियो शेयर की जा रही है, जिसके साथ छेड़छाड़ की गई है। उस वीडियो में भारतीय सेना के पूर्व सेनाध्यक्ष, जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) को भारतीय सेना के बारे में झूठे बयान देते हुए गलत तरीके से दिखाया गया है।

भारत सरकार की फेक्ट चेक एजेंसी PIB ने पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा की पोल खोल दी है। एक पोस्ट में PIB ने कहा, 'सावधान! यह एक #AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।'

जनता को गुमराह कर रहे पाकिस्तानी अकाउंट्स

PIB ने कहा कि पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स जनता को गुमराह करने और भारतीय सशस्त्र बलों पर से विश्वास कम करने के लिए, एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान के तहत ऐसे छेड़छाड़ किए गए वीडियो फैला रहे हैं। एजेंसी ने कहा कि जानकारी को शेयर करने से पहले, हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से उसकी पुष्टि करें।

असली वीडियो में क्या?

पूर्व सेना प्रमुख, जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) कहते हैं, 'हम एक जटिल दुनिया में रहते हैं। हमें न केवल मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम होना चाहिए, बल्कि भविष्य का भी अनुमान लगाना चाहिए। एक बार जब आप अनुमान लगा लेते हैं, तो आपको उसी के अनुसार खुद को तैयार करना होता है। आपके पास वे क्षमताएं होनी चाहिए जो आपको भविष्य के युद्धों को प्रभावी ढंग से लड़ने में सक्षम बनाएं। सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा...'

फेक वीडियो में क्या था?

फेक वीडियो में बताया गया, 'बड़ी ब्रेकिंग, पूर्व सेना प्रमुख, जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) कहते हैं- क्या आप जानते हैं कि इजरायल का समर्थन करने का सबसे बड़ा नुकसान क्या है? हमारी भारतीय सेना को हमेशा एक नैतिक शक्ति (ethical force) के रूप में प्रशिक्षित किया गया था, लेकिन मौजूदा हालात इसे एक जातीय शक्ति (ethnic force) में बदल रहे हैं। मेरी बात याद रखना, यह स्थिति पूरी तरह से विद्रोह की ओर बढ़ रही है। हम सभी ने देखा है कि असम में क्या हो रहा है।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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