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भूमि, जल और वायु पर भारत की विजयगाथा: दक्षिणी कमान के नेतृत्व में 'ब्रह्मशिरा अभ्यास' ने दिखाई सेना की संयुक्त ताकत

ब्रह्मशिरा, भारतीय सेना में दशकों से हुए ट्रांसफॉर्मेशन का प्रतीक है। इसमें नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों और उन्नत जॉइंट कंट्रोल सेंटर के जरिए मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की क्षमता को टेस्ट किया गया।

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सेना का ब्रह्मशिरा अभ्यास

Exercise Brahmashira: भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने देश की रक्षा तैयारियों का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए रण और क्रीक सेक्टर में अभ्यास ब्रह्मशिरा (Exercise Brahmashira) का आयोजन किया। यह अभ्यास तीनों सेनाओं - थलसेना, नौसेना और वायुसेना - के साथ-साथ भारतीय तटरक्षक बल, बीएसएफ और सिविल प्रशासन के समन्वय से हुआ। यह पूरा अभियान बड़े स्तर पर चल रहे त्रि-सेवा अभ्यास त्रिशूल का अहम हिस्सा है।

तीनों मोर्चों पर एक साथ ऑपरेशन करने की क्षमता का परीक्षण

इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य जमीन, समुद्र और हवा - तीनों मोर्चों पर एक साथ ऑपरेशन करने की क्षमता को परखना और सभी एजेंसियों के बीच रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन को मजबूत करना था। सेना के अनुसार, यह समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण और सैन्य-नागरिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो दर्शाता है कि किसी भी आपात स्थिति में भारत के सशस्त्र बल कितनी तेजी, दक्षता और एकजुटता के साथ कार्रवाई कर सकते हैं।

ब्रह्मशिरा, भारतीय सेना में दशकों से हुए ट्रांसफॉर्मेशन का प्रतीक है। इसमें नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों और उन्नत जॉइंट कंट्रोल सेंटर के जरिए मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की क्षमता को टेस्ट किया गया। इस दौरान जॉइंट टास्क फोर्स ने मिलकर दिखाया कि कैसे जमीनी, हवाई और समुद्री ताकतें एकसाथ मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दे सकती हैं। सेना ने बताया कि यह अभ्यास न सिर्फ रणनीतिक स्तर पर संयुक्त ऑपरेशन की क्षमता को साबित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत अब आत्मनिर्भर रक्षा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के रास्ते पर मज़बूती से आगे बढ़ रहा है।

सेना का युद्धाभ्यास

सेना का युद्धाभ्यास

राजस्थान के रणक्षेत्र और गुजरात तट पर होने वाले अभ्यास के अंतिम चरण में भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ स्वयं मौजूद रह सकते हैं जो फाइनल ऑपरेशंस का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। त्रिशूल सीरीज के तहत यह सबसे बड़ा और निर्णायक अभ्यास माना जा रहा है। यह भारत की संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन - यानी “JAI” मंत्र - को जीवंत करता है। इस अभ्यास ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय सशस्त्र बल हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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