Priyanka Gandhi Vadra With Palestine Bag: पहली बार सांसद बनीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में फिलिस्तीन लिखा बैग ले जाकर सभी को चौंका दिया। भले ही विपक्षी बीजेपी ने इसे लेकर प्रियंका को निशाने पर लिया हो, लेकिन पाकिस्तान में उनकी खूब तारीफ हो रही है। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने संसद में फिलिस्तीन लिखा बैग ले जाने के लिए कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की पोती ने बड़ी हिम्मत दिखाई।
फवाद हुसैन ने की जमकर तारीफ
इमरान खान सरकार में पूर्व मंत्री फवाद हुसैन ने ऐसा साहस न दिखाने के लिए पाकिस्तान के संसद सदस्यों की भी आलोचना की। पूर्व मंत्री ने कहा, जवाहरलाल नेहरू जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी की पोती से हम और क्या उम्मीद कर सकते हैं? प्रियंका गांधी हिम्मत के साथ खड़ी हैं, यह शर्म की बात है कि आज तक किसी भी पाकिस्तानी संसद सदस्य ने इस तरह का साहस नहीं दिखाया है। #धन्यवाद।
16 दिसंबर को वायनाड सांसद प्रियंका ने फिलिस्तीनी लोगों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए फिलिस्तीन लिखे एक बैग के साथ संसद पहुंची थीं। बैग में एक तरबूज भी बना हुआ था जो इस क्षेत्र में प्रतिरोध का सिंबल है। उन्होंने जो हैंडबैग लिया हुआ था उस पर अंग्रेजी में ‘पेलेस्टाइन’ (फिलिस्तीन) लिखे होने के साथ फलस्तीन से जुड़े कई प्रतीक भी बने हुए थे। नई दिल्ली में फलस्तीनी दूतावास प्रमुख आबिद अलरजाक अबू जाजर ने पिछले हफ्ते प्रियंका गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस नेता को केरल के वायनाड से उनकी हालिया चुनाव जीत पर बधाई दी थी।
इजराइली हमले का किया था विरोध
इस साल जून की शुरुआत में प्रियंका ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सख्य कार्रवाइयों की आलोचना की थी। उन्होंने नेतन्याहू पर और उनकी सरकार पर फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ बर्बरता का आरोप लगाया था। प्रियंका की यह टिप्पणी नेतन्याहू द्वारा अमेरिकी कांग्रेस में एक भाषण में गाजा में इजरायल के चल रहे युद्ध का बचाव करने के बाद आई थी। प्रियंका ने कहा था कि अब नागरिकों, माताओं, पिताओं, डॉक्टरों, नर्सों, सहायता कर्मियों, पत्रकारों, शिक्षकों, लेखकों, कवियों, वरिष्ठ नागरिकों और उन हजारों निर्दोष बच्चों के लिए सिर्फ बोलना ही पर्याप्त नहीं है जो दिन-ब-दिन गाजा में हो रहे भयानक नरसंहार में मारे जा रहे हैं।
हमास द्वारा इजराइल पर अभूतपूर्व हमला करने और लगभग 1,200 लोगों की बेरहमी से हत्या करने और 200 से अधिक अन्य को बंधक बनाने के बाद मध्य पूर्व में एक साल से अधिक समय से अशांत स्थिति बनी हुई है। इस हमले के बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई की जिसमें गाजा में 41,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।
