जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार बारामूला में गृह मंत्री अमित शाह थे। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने का काम पूरा होते ही जम्मू-कश्मीर में पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव कराये जायेंगे। मोदी जी का शासन मॉडल विकास और रोजगार लाता है। जबकि गुप्कर मॉडल युवाओं के हाथों में पत्थर और बंदूकें पेश करता है। मोदी के मॉडल और गुप्कर मॉडल में बहुत अंतर है
'मुफ्ती एंड कंपनी ने क्या किया'
पिछले 70 सालों से मुफ्ती एंड कंपनी, अब्दुल्ला के बेटे यहां सत्ता में थे लेकिन 1 लाख बेघर लोगों के लिए आवास उपलब्ध नहीं कराया। मोदी जी ने 2014-2022 के बीच इन 1 लाख लोगों को घर दिया है।पहले यह आतंकी हॉटस्पॉट था, अब यह टूरिज्म हॉटस्पॉट है। जम्मू-कश्मीर में बढ़ते पर्यटन ने यहां कई युवाओं को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध सिर्फ वो लोग कर रहे थे जो इस रियासत को अपनी जागीर समझते थे। लेकिन यह रियासत किसी की जागीर नहीं है। भारत सरकार का स्पष्ट मत है कि घाटी का विकास ना सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए विकल्प देगा। बल्कि भारत के दूसरे हिस्सों के लोगों से पर्यटन के माध्यम से जुड़ाव होगा
