Assembly Election Results: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान संपन्न हो चुके हैं और अब सभी की निगाहें 4 मई को सामने आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इस बीच, चुनाव आयोग (Election Commission) ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने मतगणना के दौरान अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए काउंटिंग सेंटर्स पर QR कोड आधारित पहचान पत्र लागू करने का फैसला किया है।
उपचुनाव के भी जारी होंगे नतीजे
4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनावी नतीजों के साथ पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम भी जारी होंगे। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया, ''काउंटिंग सेंटर्स में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश की संभावना समाप्त करने के लिए QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र शुरू किए गए हैं। इसके तहत तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।''
तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
काउंटिंग सेंटर्स में पहले दो सुरक्षा स्तरों पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा जारी किए गए पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच होगी, जबकि सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेराबंदी में काउंटिंग हॉल के पास महज QR कोड स्कैनिंग के बाद ही एंट्री मिलेगी।
किस-किस को जारी किए जाएंगे QR कोड
QR कोड व्यवस्था सभी अधिकृत व्यक्तियों को जारी किए जाएंगे, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी स्टाफ, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और काउंटिंग एजेंट शामिल हैं।
काउंटिंग हॉल के पास बनेंगे मीडिया सेंटर
चुनाव आयोग इस पहल के जरिए मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करना चाहता है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मीडिया के प्रवेश से जुड़े नियम पहले जैसे ही रहेंगे। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयोग द्वारा जारी प्राधिकरण पत्र के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही कवरेज को आसान बनाने के लिए काउंटिंग हॉल के पास अलग से मीडिया सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
