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Operation Kaveri : बेशकीमती है हर एक जिंदगी, सूडान से भारत पहुंचे 90 और 102 साल के बुजुर्ग

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 1, 2023, 01:52 PM IST

Operation Kaveri : बचाव अभियान में शामिल नौसेना एवं वायु सेना के जवान एवं कर्मी गजब का हौसला और जज्बा दिखा रहे हैं। सूडान से आने वाले लोगों की इन्होंने भरपूर सहयोग एवं मदद की है। लोगों की मदद का एक ऐसा ही वीडियो वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट हर राज कौर बोपराई का सामने आया है। वह जेद्दा में एक बुजुर्ग महिला का हाथ पकड़कर विमान में चढ़ाती दिखीं।

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बुजुर्ग महिला की मदद करते भारतीय जवान।

Photo : Times Now Digital

Operation Kaveri : सूडान में फंसे अपने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया जा रहा 'ऑपरेशन कावेरी' अब अपने अंतिम चरण में है। बीते कुछ दिनों में भारतीय वायु सेना (IAF) के दो परिवहन विमानों से करीब 1400 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया है। खास बात यह है कि इनमें 90 और 102 साल की बुजुर्ग भी हैं। जाहिर है कि भारत सरकार के लिए हर भारतीय की जान बेशकीमती है, उसके लिए उम्र मायने नहीं रखते। भारत पहुंचने के बाद इन बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी साफ तौर पर देखी गई।

2,140 भारतीय वापस लौटे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपने एक ट्वीट में कहा कि सोमवार सुबह कुल 186 भारतीय कोच्चि पहुंचे। वायु सेना का विमान रविवार को इन्हें जेद्दा से लेकर कोच्चि के लिए रवाना हुआ। उन्होंने लिखा, 'जेद्दा से नौवीं उड़ान। विमान में सवार 186 यात्री कोच्चि आ रहे हैं।' रविवार को इस अभियान के तहत 229 भारतीय बेंगलुरू पहुंचे थे। बीते शुक्रवार को दो जत्थों में 754 नागरिक भारत आए। रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 'ऑपरेशन कावेरी' के तहत भारत लौटने वाले भारतीयों की संख्या 2,140 हो गई है। हिंसा शुरू होने पर वहां मौजूद करीब 3000 भारतीय फंस गए।

अभियान में वायु सेना-नौसेना शामिल

भारत के इस बचाव अभियान में वायु सेना के परिवहन विमान एवं नौसेना के युद्धपोत लगे हैं। अभियान में नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा, आईएनएस तेग और आईएनएस तरकश शामिल हैं। इस अभियान के तहत पोर्ट सूडान और जेद्दा में जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया गया है। सूडान में सेना और एक अर्द्धसैनिक समूह के बीच सत्ता हासिल करने के लिए भीषण संघर्ष जारी है। देशों की अपील पर हिंसा में शामिल दोनों गुटों ने 72 घंटे का सीजफायर करने की घोषणा की जिसके बाद बचाव अभियान में तेजी आई। हालांकि, इस सीजफायर के दौरान भी दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर हमले करना जारी रखा।

सैन्यकर्मियों ने दिखाया गजब का जज्बा

बचाव अभियान में शामिल नौसेना एवं वायु सेना के जवान एवं कर्मी गजब का हौसला और जज्बा दिखा रहे हैं। सूडान से आने वाले लोगों की इन्होंने भरपूर सहयोग एवं मदद की है। लोगों की मदद का एक ऐसा ही वीडियो वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट हर राज कौर बोपराई का सामने आया है। वह जेद्दा में एक बुजुर्ग महिला का हाथ पकड़कर विमान में चढ़ाती दिखीं। परिवहन विमान सी-17 को उड़ाने वाली वह वायु सेना की पहली महिला पायलट हैं। यह विमान एक बार में 70 टन से ज्यादा वजन लेकर उड़ सकता है।

संघर्ष विराम बढ़ाएंगे दोनों पक्ष

सूडान की सेना और उसके प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल ने कहा है कि वे मानवीय संघर्ष-विराम अगले 72 घंटे के लिए बढ़ाएंगे। यह निर्णय नागरिकों और सहायता सामग्री के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद आया है, हालांकि अस्थिरतापूर्ण संघर्ष-विराम से अभी तक संघर्ष रुका नहीं है। बयानों में, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाया। संघर्ष-विराम समझौते से कुछ क्षेत्रों में संघर्ष कम हो गया है, लेकिन हिंसा से नागरिक पलायन को मजबूर हो रहे हैं। सहायता समूहों को देश में जरूरी आपूर्ति प्राप्त करने में भी मुश्किल हो रही है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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