प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को तलब किया है। शिशिर वही व्यक्ति हैं जिन्होंने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता का दावा करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
9 सितंबर को पेशी
पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि ईडी ने शिशिर को 9 सितंबर को केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। उन्हें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों से जुड़े मामले में सभी दस्तावेज़ और सबूतों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है। ईडी के अनुसार, आरोपों की जांच की जा रही है। फेमा के तहत एजेंसी व्यक्तियों और कंपनियों द्वारा विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से संबंधित मामलों की जांच करती है।
राहुल गांधी की नागरिता को दी है चुनौती
विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दायर कर दावा किया था कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के कुछ दस्तावेज और ईमेल मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि राहुल गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं और इस वजह से भारत में चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।
30 अगस्त को न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति बी. आर. सिंह की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि शिशिर को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए। अदालत ने कहा था कि चूंकि याचिकाकर्ता ने “एक बेहद प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दायर किया है और लगातार धमकियों का सामना कर रहा है”, इसलिए उसकी सुरक्षा ज़रूरी है।
सीबीआई जांच का दावा
शिशिर ने अदालत को बताया कि उनकी जून 2024 में की गई शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कई बार दिल्ली में एजेंसी के सामने पेश हो चुके हैं और राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े साक्ष्य भी सौंप चुके हैं।
अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को
उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर के लिए तय की है। पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि भारत सरकार ने ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखकर राहुल गांधी की नागरिकता से संबंधित विवरण मांगे हैं।
