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यूपी के रियल्टी समूह के खिलाफ ED की छापेमारी, घर खरीदारों के साथ 248 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला

रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ मामले में लखनऊ में कम से कम आठ और दिल्ली में दो परिसरों की तलाशी ली गई । यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है।

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रियल्टी ग्रुप पर ED की छापेमारी (IANS)

ED raids against UP realty group- प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने बुधवार को उत्तर प्रदेश स्थित एक रियल्टी समूह के खिलाफ धन शोधन जांच के तहत छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समूह पर निवेशकों से 248 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। सूत्रों ने बताया कि रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ मामले में लखनऊ में कम से कम आठ और दिल्ली में दो परिसरों की तलाशी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है।

अपराध की आय 248 करोड़ रुपये

पीटीआई के मुताबिक, धन शोधन का यह मामला 2021 से घर/व्यावसायिक स्थान खरीदारों द्वारा दर्ज कराई गई 87 प्राथमिकियों से जुड़ा है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई और उन्हें उनकी संपत्तियां नहीं दी गईं। सूत्रों ने बताया कि यूपी रेरा (उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण) द्वारा किए गए फोरेंसिक ऑडिट के अनुसार, इस मामले में अपराध की आय 248 करोड़ रुपये है।

सूत्रों ने दावा किया कि ये तलाशी सबूत जुटाने और प्रमोटरों की संपत्ति जब्त करने के उद्देश्य से की जा रही है क्योंकि वे पिछले चार सालों से फरार हैं। कंपनी के प्रमोटरों की पहचान पीयूष रस्तोगी, परेश रस्तोगी और दीपक रस्तोगी के रूप में हुई है। प्रमोटरों या उनके कानूनी प्रतिनिधियों से उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर टिप्पणी के लिए तुरंत संपर्क नहीं किया जा सका।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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