Earthquake Today in India, 8 May 2026: भारत में आज कहां भूकंप आया? देश में आज अभी तक एक राज्य में भूकंप आया है। भारत में आज अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके लगे हैं। ये लगातार तीसरा दिन है, जब अरुणाचल प्रदेश में भूकंप आया है। इससे पहले कल और परसो अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी में भूकंप आया था। अरुणाचल प्रदेश के अलावा और कहीं भूकंप नहीं आया है, दिल्ली एनसीआर में भी कोई झटके महसूस नहीं किए गए हैं।
भारत में 8 मई को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on May 8 In India)
| भारत में आज कहां भूकंप आया? | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित समय |
| अरुणाचल प्रदेश | 3.6 | 04:05:52 | 5 km | पापुम पारे |
दुनिया में 8 मई को कहां भूकंप आया? (May 8 Tremors Worldwide)
| दुनिया में आज कहां भूकंप आया? | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित समय |
| जापान | 4.7 | 05:01:16 | 65.2 KM | मिनामी-सोमा |
| ताइवान | 4.3 | 02:27:34 | 28.8 KM | हुलिएन शहर |
| तिब्बत | 4.1 | 03:10:17 | 38 KM | 35.385, 85.112 |
| भूटान | 3.2 | 02:37:57 | 10 KM | 27.534, 90.339 |
ताइवान में भूकंप ज्यादा आते हैं या कम?
ताइवान में भूकंप काफी ज्यादा आते हैं और इसे दुनिया के सबसे भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ताइवान प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां पृथ्वी की कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। यहां मुख्य रूप से फिलीपीन सागर प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार गतिविधि होती रहती है, जिससे जमीन के भीतर ऊर्जा जमा होती है और समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलती है।
ताइवान में हर साल हजारों छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं। इनमें से अधिकांश हल्के होते हैं और लोगों को महसूस भी नहीं होते, लेकिन कई बार तेज झटके बड़े नुकसान का कारण बन जाते हैं। 1999 का “ची-ची भूकंप” ताइवान के इतिहास की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है, जिसमें हजारों लोग प्रभावित हुए थे। हाल के वर्षों में भी ताइवान में कई शक्तिशाली भूकंप आए हैं।
हालांकि लगातार भूकंप आने के कारण ताइवान ने मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। वहां की इमारतों को भूकंपरोधी तकनीक से बनाया जाता है और लोगों को नियमित रूप से सुरक्षा अभ्यास भी कराए जाते हैं। यही वजह है कि बड़े भूकंप आने के बावजूद कई बार जानमाल का नुकसान सीमित रखा जा सकता है।
