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PM मोदी के सामने डच प्रधानमंत्री ने उठाए प्रेस फ्रीडम और अल्पसंख्यकों के मुद्दे, भारत ने दिया सख्त जवाब

Dutch PM Press Freedom News: PM मोदी से मुलाकात के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में जेटेन ने कहा कि भारत और नीदरलैंड, दोनों ही लोकतंत्र, सुशासन और नियमों व न्याय पर आधारित विश्व व्यवस्था को बहुत महत्व देते हैं।

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PM मोदी के सामने डच प्रधानमंत्री ने उठाए प्रेस फ्रीडम और अल्पसंख्यकों के मुद्दे, भारत ने दिया सख्त जवाब

PM Modi Switzerland Visit: भारत ने डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन की देश में प्रेस की आजादी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर की गई कथित टिप्पणियों का कड़ा जवाब दिया। केंद्र सरकार ने जोर देकर कहा कि ऐसी टिप्पणियां भारत के लोकतांत्रिक और सभ्यतागत स्वरूप के बारे में समझ की कमी को दर्शाती हैं।

यह जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान आया। दरअसल, एक डच पत्रकार ने संयुक्त प्रेस वार्ता न होने पर सवाल उठाया था और मीडिया की आजादी तथा मुसलमान और छोटे समुदाय जैसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर जताई जा रही चिंताओं का जिक्र किया था।

हेग में मीडिया को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत की आलोचना अक्सर देश के सामाजिक और लोकतांत्रिक ताने-बाने के बारे में अपर्याप्त जानकारी के कारण होती है। जॉर्ज ने कहा, 'हमें इस तरह के सवालों का सामना मुख्य रूप से इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि सवाल पूछने वाले व्यक्ति में समझ की कमी होती है।'

भारत की धार्मिक विविधता पर जोर

भारत के लोकतांत्रिक साख का बचाव करते हुए, जॉर्ज ने देश को एक जीवंत और बहुलवादी समाज बताया, जिसकी सभ्यता 5,000 साल से भी ज्यादा पुरानी है। उन्होंने कहा, 'भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, जो दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। यह 5,000 साल से भी ज्यादा पुरानी सभ्यता वाला देश है।' उन्होंने कहा, 'यह एक विविध देश है, संस्कृति के मामले में विविधता, भाषाओं के मामले में विविधता, खान-पान के मामले में विविधता, धर्म के मामले में विविधता।'

जॉर्ज ने बताया कि चार प्रमुख धर्म, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म भारत में ही शुरू हुए और आज भी इस देश में फल-फूल रहे हैं। उन्होंने कहा, 'दुनिया में कोई और ऐसा देश नहीं है जहाँ चार धर्मों की शुरुआत हुई हो।'

राजनयिक ने भारत में अन्य धर्मों की लंबे समय से मौजूदगी की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि यहूदी समुदाय 2,500 से भी ज्यादा सालों से बिना किसी उत्पीड़न के इस देश में रहते आए हैं, जबकि ईसाई धर्म और इस्लाम भी सदियों से यहां फले-फूले हैं। उन्होंने आगे कहा, 'ईसाई धर्म, ईसा मसीह के पुनरुत्थान के तुरंत बाद भारत आया और यहां लगातार फलता-फूलता रहा। इस्लाम, पैगंबर मोहम्मद के समय में ही भारत आया और यहां खूब फला-फूला।'

डच PM की टिप्पणियां

ये टिप्पणियां उन रिपोर्टों के बीच आईं, जिनमें कहा गया था कि डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन ने PM मोदी से अपनी मुलाकात से पहले भारत में हो रहे घटनाक्रमों को लेकर चिंता जाहिर की थी।

डच अखबार 'डी वोक्सक्रांट' के अनुसार, जेटेन ने कहा कि डच सरकार को सिर्फ प्रेस की आजादी को लेकर ही नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर भी चिंता है, जिन पर वहां काफी दबाव है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मुद्दे भारतीय सरकार के सामने नियमित रूप से उठाए जाते हैं। हालांकि, PM मोदी से मुलाकात के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में जेटेन ने कहा कि भारत और नीदरलैंड, दोनों ही लोकतंत्र, सुशासन और नियमों व न्याय पर आधारित विश्व व्यवस्था को बहुत महत्व देते हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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