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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी! कुछ लोगों की हो सकती है छुट्टी, CEO की नियुक्ति भी संभव

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दान-चढ़ावे की गिनती को लेकर बनाए गए एसओपी का पालन नहीं हो रहा था। एसआईटी की जांच में कमियों एवं खामियों का पता चला है। अब इन कमजोरियों को दूर करने के लिए ट्रस्ट में कुछ अहम बदलाव किए जा सकते हैं। मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं।

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने अपनी रिपोर्ट दी है।

Photo : PTI

Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर में दान एवं चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद राम जन्म भूमि क्षेत्र न्यास में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। सूत्रों की मानें तो सरकार आने वाले दिनों में ट्रस्ट से कुछ लोगों को हटा सकता है। ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति हो सकती है। SIT की 20 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि चंदे के 'गोरखधंधे' के बारे में ट्रस्ट को जानकारी थी और इसे छिपाने की कोशिश की गई। एसआईटी ने चंदा गिनने की एसओपी में खामियां होने की भी बात कही है।

ट्रस्ट में हो सकती है CEO की नियुक्ति

कहा जा रहा है कि जिस तरह से काशी विश्वनाथ में सीईओ की नियुक्ति हुई है, उसी तरह अयोध्या राम मंदिर में भी एक शीर्ष अधिकारी को नियुक्त किया जा सकता है जो दान-चढ़ावा से लेकर ट्रस्ट के पूरे कामकाज की देखरेख एवं प्रबंधन करेगा। इसके अलावा तिरुपति बालाजी में जिस तरह से खुले में दान एवं चढ़ावे की गिनती होती है उसी तरह से यहां भी गिनती का काम किया जा सकता है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दान-चढ़ावे की गिनती को लेकर बनाए गए एसओपी का पालन नहीं हो रहा था। एसआईटी की जांच में कमियों एवं खामियों का पता चला है। अब इन कमजोरियों को दूर करने के लिए ट्रस्ट में कुछ अहम बदलाव किए जा सकते हैं।

नया एसओपी बनाने पर दिए सुझाव

बता दें कि राम मंदिर निर्माण से पहले ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की तरफ से किया गया था। ट्रस्ट के सभी अधिकार इसके अध्यक्ष के पास हैं। एसआईटी ने अपनी इस रिपोर्ट में दान-चढ़ावे की गिनती में मिली खामियों को दूर करने और नया एसओपी बनाने पर सुझाव दिए हैं।

29 जून तक न्यायिक हिरासत में हैं आरोपी

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस बीच, उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जांचकर्ता ने आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है।

किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा-सीएम योगी

इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की अटकलों के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा कि उसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। चंपत राय विहिप के उपाध्यक्ष भी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को 'धर्मयुद्ध’ करार देते हुए कथित 'चंदा चोरों’ के सामाजिक बहिष्कार की अपील की और कहा कि इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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