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78 दिनों में 26 बार ट्रंप ने लिया संघर्ष विराम का श्रेय, जयराम रमेश ने पीएम मोदी की चुप्पी पर साधा निशाना

Jairam Ramesh: जयराम रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 26वीं बार भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा करने पर केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। जयराम रमेश ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रम्प अब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं और इस अवसर का उपयोग 26वीं बार भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से युद्ध विराम का दावा करने के लिए कर रहे हैं।

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ट्रंप के युद्धविराम के दावे पर जयराम रमेश ने केन्द्र सरकार फिर साधा निशाना

Photo : ANI

Donald Trump: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा 26वीं बार भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा करने पर केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया। शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप की एक्स पोस्ट को साझा करते हुए रमेश ने उल्लेख किया कि कंबोडिया और थाईलैंड के बीच मध्यस्थता करते हुए ट्रंप ने फिर दावा किया कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की। जयराम रमेश ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रम्प अब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं और इस अवसर का उपयोग 26वीं बार भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से युद्ध विराम का दावा करने के लिए कर रहे हैं।

यह संघर्ष मुझे पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष की याद दिलाता है: ट्रंप

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया है वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर व्यापार के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत के बाद युद्ध विराम का आह्वान किया है तथा भारत-पाकिस्तान संघर्ष से तुलना की है। ट्रुथ सोशल पर शनिवार (स्थानीय समय) को प्रकाशित पोस्टों की श्रृंखला के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच युद्ध विराम और शांति समझौते के लिए एक बार फिर व्यापार वार्ता का सहारा लिया है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि यह संघर्ष मुझे पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष की याद दिलाता है, जिसे सफलतापूर्वक रोक दिया गया था।

रमेश ने मोदी सरकार पर फिर साधा निशाना

जयराम रमेश की यह टिप्पणी कांग्रेस द्वारा पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र पर लगातार हमले के बीच आई है। इससे पहले शनिवार को रमेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए भारतीय कूटनीति की विफलता का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री की दोस्ती खोखली साबित हो रही है। कांग्रेस के संचार प्रभारी (महासचिव) रमेश ने एक्स पर लिखा कि 19 जून, 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को क्लीन चिट देने की भारत को पहले ही भारी कीमत चुकानी पड़ी है। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी बहुप्रचारित दोस्ती अब खोखली साबित हो रही है। रमेश ने कहा कि भारतीय कूटनीति की घोर विफलता, खासकर पिछले दो महीनों में, चार तथ्यों से सबसे ज़्यादा उजागर होती है। ये तथ्य प्रधानमंत्री और उनके ढिंढोरा पीटने वालों और जयजयकार करने वालों के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलते हैं। 10 मई, 2025 से अब तक राष्ट्रपति ट्रंप 25 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया था। उन्होंने भारत और पाकिस्तान को धमकी दी है कि अगर उन्होंने युद्ध नहीं रोका, तो वे अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं करेंगे।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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