देश

आपको हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं- शी जिनपिंग से मिलने के बाद मालदीव के राष्ट्रपति ने दिखाई आंख

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 13, 2024, 07:59 PM IST

भारत और मालदीव के बीच मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद से विवाद बढ़ गया है। मुइज्जू मालदीव में सालों से मौजूद भारतीय सेना को हटाने की कोशिश में हैं। हाल ही में जब पीएम मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा की थी तो मालदीव के के कुछ नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

Image

चीनी राष्ट्रपति के साथ मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू

मालदीव में नए राष्ट्रपति का चीन प्रेम जगजाहिर है। भारत विरोध माहौल बनाकर ही मालदीव के राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुइज्जू ने एक बार फिर ऐसी बात बोल दी है, जो भारत को चुभ सकती है। हालांकि मुइज्जू ने किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन हाल के विवादों को देखें तो उसका इशारा भारत की ओर ही है। जिस भारत ने मालदीव को हमेशा सहारा दिया, संकट से बचाया, वो मालदीव आज भारत को ही आंखे दिखाने लगा है।

मुइज्जू ने दिखाई आंखें

हाल ही में मालदीव के नए राष्ट्रपति मुइज्जू, चीन के दौरे से लौटे हैं। चीन से लौटते ही उन्होंने आंखे दिखानी शुरू कर दी है। अपनी पांच दिवसीय चीन यात्रा के समापन के बाद, मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने शनिवार को कहा कि किसी भी देश को उनके राष्ट्र को "धमकाने" का अधिकार नहीं है।

विवाद के बीच बयान

उनका यह बयान मालदीव के राजनेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया लक्षद्वीप यात्रा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद भारत और मालदीव के बीच राजनयिक विवाद के बीच आया है। मुइज्जू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- "हम छोटे हो सकते हैं, लेकिन इससे आपको हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।"

भारत और मालदीव के बीच विवाद

भारत और मालदीव के बीच मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद से विवाद बढ़ गया है। मुइज्जू मालदीव में सालों से मौजूद भारतीय सेना को हटाने की कोशिश में हैं। हाल ही में जब पीएम मोदी ने लक्षद्वीप की यात्रा की थी तो मालदीव के के कुछ नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद भारत ने कड़ा प्रतिरोध जताया था। भारत द्वारा मालदीव के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद 7 जनवरी को तीन मंत्रियों को उनके पद से निलंबित कर दिया गया था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article