Who is Praveen Sood : कर्नाटक के डीजीपी प्रवीण सूद को दो साल के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी सूद वर्तमान सीबीआई निदेशक सुबोध जायसवाल की जगह लेंगे, जो कि 25 मई को रिटायर होने जा रहे हैं। सीबीआई के नए प्रमुख के लिए सूद के नाम पर सहमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ एवं विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी की सदस्यता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने दी है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि हालांकि बैठक के दौरान चौधरी ने सूद की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए।
कौन हैं प्रवीण सूद
कर्नाटक डीजीपी पर तैनात सूद आईआईटी दल्ली से स्नातक हैं। वह 1986 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल हुए। इनकी पहली तैनाती 1989 में मैसूर में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट पुलिस के रूप में हुई। बेंगलुरु के डीसीपी पद पर तैनात होने से पहले सूद बेल्लारी एवं रायचूर के पुलिस अधीक्षक रहे। सूद 1999 से तीन साल तक मॉरीशस में डेप्युटेशन पर भी तैनात रहे। वहां से लौटने के बाद सूद ने बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से प्रबंधन एवं पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की।
राष्ट्रपति के पुलिस मेडल से सम्मानित हैं सूद
इन्होंने प्रबंधन में मैक्सवेल स्कूल ऑफ गवर्नेंस, न्यूयॉर्क से भी डिग्री ली। साल 2004 से 2007 तक सूद मैसूर शरर के पुलिस कमिश्नर रहे। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने आतंकवादी नेटवर्क पर बारीकी से काम किया। इसके बाद 2011 तक वह बेंगलुरु यातायात पुलिस के अवर पुलिस आयुक्त रहे। बेहतरीन सेवा के लिए सूद को साल 1996 में मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल से नवाज गया। यही नहीं विशेष सेवा के लिए इन्हें साल 2011 में राष्ट्रपति के पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया गया।
सूद को पसंद नहीं करते डीके शिवकुमार
कर्नाटक के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गत मार्च में डीजीपी प्रवीण सूद को 'नालायक' कहा था। कांग्रेस नेता ने कहा था कि विधानसभा चुनाव के बाद यदि उनकी पार्टी सत्ता में वापसी करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अब कांग्रेस कर्नाटक चुनाव भारी बहुमत से जीत चुकी है। डीके शिवकुमार सीएम पद की रेस में हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उधर कांग्रेस सत्ता संभालेगी और इधर सूद सीबीआई निदेशक का पद संभालने के लिए दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
डीजीपी सूद पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप
गत मार्च में शिवकुमार ने डीजीपी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पक्ष लेने का आरोप लगाया। शिवकुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ करीब 25 मामले दर्ज हुए जबकि भाजपा नेताओं पर कोई केस दर्ज नहीं हुआ। यह सब तब हुआ जब सूद कर्नाटक पुलिस के मुखिया हैं।
डीजीपी 'नालायक' है-शिवकुमार
रिपोर्टों के मुताबिक गत 14 मार्च को प्रवीण सूद पर हमलावर होते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, 'डीजीपी नालायक है। हमारी सरकार आने दें। हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। उन्हें हटाने के लिए कांग्रेस ने ईसीआई को भी पत्र लिखा है। मुझे लगा कि प्रवीण सूद एक सम्मानित व्यक्ति है लेकिन उनके खिलाफ तत्काल केस दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।'
