Disha Patani House Firing Case: बॉलीवुड अदाकारा दिशा पाटनी के परिवार से अभी खतरा टला नहीं है। जांचकर्ताओं का मानना है कि रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के कम से कम दो शूटर अदाकारा के बरेली स्थित आवास पर हमले की नाकाम कोशिश के बाद मुंबई भाग गए होंगे।
अभी फरार हैं दो शूटर
गाजियाबाद में यूपी एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की अपराध जांच इकाई ने मिलकर बुधवार को रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह के दो शूटरों रवींद्र और अरुण को एनकाउंटर में मार गिराया था, जबकि उनके साथ नकुल और विजय अभी भी फरार हैं। सूत्रों के मुताबिक, रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गिरोह ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी चार से ज्यादा शूटरों को सौंपी थी जिसके बाद सुरक्षा संबंधी नई चिंताएं पैदा हो गईं।
बढ़ाई गई सुरक्षा
इस बीच, गैंगस्टर रोहित गोदारा ने भी एक और धमकी भरा पोस्टर जारी किया, जिसमें कहा गया है, ''कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो, हम वो कर सकते हैं जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है।'' हालिया धमकी के बाद पुलिस ने दिशा पाटनी के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। उनके बरेली स्थित आवास के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर बैरिकेट लगाया गया और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है।
क्या है पूरा मामला?
जांचकर्ताओं के मुताबिक, चारों शूटर 10 सितंबर की रात बरेली पहुंचे। इन शूटरों में सबसे ज्यादा कुख्यात रवींद्र होटल प्रीत के कमरा नंबर 9 में रुका था, जो कोतवानी थाने और एसपी सिटी ऑफिस से महज 200 मीटर की दूर पर है। सूत्रों के मुताबिक, होटल में रुकने के लिए उसने अपने असली पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था।
होटल कर्मचारियों के मुताबिक, रवींद्र अपने कमरे से बाहर नहीं निकला और केले और बोतलबंद पानी पर ही गुजारा करता रहा। वहीं, नकुल, विजय और अरुण बरेली जंक्शन के पास होटल हिंद में ठहरे हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने भी कमरा नंबर 111 बुक करने के लिए अपनी असली आईडी का इस्तेमाल किया।
11 सितंबर को नकुल और विजय ने दिशा पाटनी के आवास से 200 मीटर की दूरी पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। अगली रात, रवींद्र और अरुण ने दिशा पाटनी के आवास के ठीक बाहर एक ऑटोमैटिक पिस्तोल से नौ राउंड गोलियां दागीं।
खुलेआम घूमते रहे हमलावर
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात तो यह रही कि होटल कर्मचारियों ने लापरवाह बर्ताव के बावजूद हमलावरों को छात्र समझा था। हमले के बाद, हमलावर बरेली में खुलेआम घूमते रहे और उनकी हरकतें शहर के इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (I-CCC) के कैमरों में कैद हो गईं। बाद में, रामपुर में उन्होंने रामनिवास और सागर नाम से फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके एक और होटल बुक किया। गिरोह की गतिविधियों के बारे में जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की गई हैं, तथा नकुल और विजय की तलाश तेज कर दी गई है।
