CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों की आलोचना की। महुआ ने अपने कथित भड़काऊ फ़ेसबुक पोस्ट से जुड़े एक मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पुलिस पूछताछ में शामिल होने की इजाजत मांगी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने महुआ की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि 'राजनीति में कदम रखने के बाद' वह सिर्फ़ इसलिए जांच अधिकारियों के सामने पेश होने से बच नहीं सकतीं कि उन्हें डर है कि उन पर अंडे फेंके जा सकते हैं।
'राजनीति में आने के बाद आपको अंडों से डर लगता है?'
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने कहा, 'आप सांसद हैं? राजनीति में आने के बाद आपको अंडों से डर लगता है? जबकि हमारे आजादी की लड़ाई लड़ने वालों ने अपनी छाती पर गोलियां खाई थीं? ऐसी याचिकाएं तो इस कोर्ट के सामने आनी ही नहीं चाहिए।' बेंच ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया जिसमें महुआ को जांच अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था।
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इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, दीपके ने सवाल किया कि क्या 'सुप्रीम कोर्ट अब चाहता है कि हर कोई गोली खाए?' उन्होंने X पर पोस्ट किया, 'जब सुप्रीम कोर्ट के जज विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसे बयान देते हैं, तो आम आदमी के लिए क्या उम्मीद बचती है?'
कोर्ट के अंदर क्या हुआ?
जब बेंच ने राहत देने से इनकार कर दिया, तो महुआ की ओर से पेश हुए सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने याचिका वापस लेने की इजाज़त मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया। यह मामला जून में पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले के होगलबरिया पुलिस स्टेशन में बीजेपी नेता हीराक भट्टाचार्य की शिकायत पर दर्ज FIR से जुड़ा है। शिकायत में महुआ पर भड़काऊ फ़ेसबुक वीडियो पोस्ट करने का आरोप है, जिनसे कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा पैदा हुआ। FIR में समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने और सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर RSS प्रमुख के बयान पर दीपके की प्रतिक्रिया
दीपके ने शुक्रवार को RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने 'जेन Z' (Gen Z) का बचाव किया था। साथ ही, उन्होंने भागवत से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत BJP नेतृत्व प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 'राष्ट्र-विरोधी' करार देना बंद करे। उनका यह बयान भागवत द्वारा मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में एक सत्र के दौरान 'जेन Z' और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) के साथ बातचीत करने के एक दिन बाद आया है। इस सत्र में भागवत ने कहा था कि युवा पीढ़ी को जायज मुद्दों पर विरोध करने का अधिकार है और उन्हें राष्ट्र-विरोधी नहीं कहा जाना चाहिए।
