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स्पेस, न्यूक्लियर और AI... केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कैसे टेक्नोलॉजी में लीडर बन रहा भारत; गिनाईं उपलब्धियां

Digit India's Top Appliance Awards 2026: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने टाइम्स नेटवर्क के डिजिट इंडिया के टॉप अप्लायंस अवार्ड्स 2026 कार्यक्रम में तकनीकी नवाचार से स्पेस सेक्टर तक खुलकर बात की।

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

Photo : Times Now Digital

Digit India's Top Appliance Awards 2026: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने टाइम्स नेटवर्क के डिजिट इंडिया के टॉप अप्लायंस अवार्ड्स 2026 कार्यक्रम में तकनीकी नवाचार से स्पेस सेक्टर तक खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी में भारत बहुत तेज रफ्तार से तरक्की कर रहा है। आज भारत तकनीक के मामले में उसी स्तर पर है जिस पर दुनिया के अन्य विकसित देश हैं।

उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले भारत में तकनीक देरी से आती थी, जैसे अमेरिका में टेलीविजन 1950 के दशक में आ गया था, जबकि भारत में यह 1970 में आया। इसी तरह कंप्यूटर और मोबाइल भी यहां देर से पहुंचे, लेकिन आज भारत क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अग्रणी देशों में शामिल है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का अनुयायी नहीं है, बल्कि नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने चंद्रयान का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिका ने 1969 में चांद पर कदम रखा, लेकिन उनको पानी नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि चंद्रमा पर हमारा चंद्रयान गया और उसने H2O मॉलिक्यूल्स होने का प्रमाण खोजा। भारत में प्रतिभा की कमी कभी नहीं थी, बस एक अनुकूल वातावरण और राजनीतिक नेतृत्व की कमी थी, जो प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद पूरी हुई।

सबसे बड़ी चुनौती है माइंडसेट

जितेंद्र सिंह के मुताबिक, भारत अब केवल प्रौद्योगिकी का अनुयायी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बन गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दूसरे देश भी भारत से बहुत से पहलुओं में हमसे सीख ले रहे हैं। इस दौरान, उन्होंने एसी के तापमान से जुड़ा उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि हम टेक्नोलॉजी में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन माइंडसेट नहीं बदल रहा है।

इस दौरान, उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से हटकर AI और जैव प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित होगा। भारत अपनी 'Bio3' नीति के साथ इस चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनकी अपनी समर्पित बायोटेक नीति है, जिसे 'Bio3' (अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए बायोटेक) कहा जाता है। भविष्य में चिकित्सा, कृषि और खाद्य उद्योग बायोटेक पर आधारित होंगे। हम उसमें पहले से ही आ चुके हैं, हमें सिर्फ अपना माइंडसेट बदलने की जरूरत है।

प्राइवेट सेक्टर के लिए खोले स्पेस के रास्ते

केंद्रीय मंत्री ने पिछली सरकारों की ग्लोबल स्ट्रेटजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले हम तकनीक और विकास के मामलों में थोड़े कैजुअल थे, लेकिन अब हम वैश्विक रणनीतियों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए स्पेस के दरवाजे खोल दिए। इसका नतीजा यह हुआ कि भारत की स्पेस अर्थव्यवस्था, जो पहले नाममात्र थी, पिछले 5-6 वर्षों में बढ़कर 9 बिलियन डॉलर हो गई है और आने वाले 8-9 सालों में इसके 40-45 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

न्यूक्लियर सेक्टर का भी किया जिक्र

उन्होंने कहा कि लगभग 8-10 महीने पहले सरकार ने न्यूक्लियर सेक्टर को भी प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोल दिया है, ताकि ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से विकास हो सके। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बीच के संदेह को दूर किया है। अब सरकार का जोर 'संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्र' के दृष्टिकोण पर है, जहां सभी स्टेकहोल्डर्स मिलकर काम करें।

Jitendra Singh

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

2047 का लक्ष्य

जितेंद्र सिंह ने आगे स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य भारत को केवल एक 'अनुयायी' बनाए रखना नहीं है, बल्कि उसे उस स्थिति में लाना है जहां दुनिया भारत का अनुसरण करे। इसके लिए हमें हर सेक्टर को खोलना होगा और प्राइवेट सेक्टर को भी तैयार करना होगा। उन्होंने कहा, ''देश में इतनी क्षमता और सामर्थ्य है, जो किसी अन्य देश में नहीं है। 5 साल के भीतर एक हमारा स्टार्टअप न सिर्फ स्पेस में रॉकेट भेज रहा है, बल्कि यूनिकॉर्न बन गया है।''

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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