Mulayam Singh Yadav : समाजवादी पार्टी के दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने की सरकार की घोषणा के बाद सियासी रार शुरू हो गया है। सवाल किसी और ने नहीं बल्कि मुलायम सिंह की बड़ी बहू एवं मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने उठाया है। डिंपल ने कहा है कि नेताजी को भारत रत्न मिलना चाहिए था। जबकि मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा ने कहा कि जो मिल गया उसे स्वीकार करना चाहिए, सवाल नहीं। सपा के कई नेताओं ने मुलायम सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की है।
शिवपाल और मौर्य ने भी उठाई मांग
मुलायम सिंह के छोटे भाई शिवपाल यादव ने पद्म विभूषण मिलने पर खुशी तो जताई लेकिन साथ ही कहा कि उनके दिवंगत बड़े भाई भारत रत्न पाने के हकदार हैं और उन्हें इससे सम्मानित किया जाना चाहिए था। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने नाराजगी जताते हुए अपने एक ट्वीट में कहा कि- 'भारत सरकार ने नेताजी मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार देकर, उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं राष्ट्र के प्रति किये गये योगदान का उपहास उड़ाया है। यदि नेताजी को सम्मान देना ही था तो भारत रत्न के सम्मान से सम्मानित करना चाहिए था।'
मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित हुए हैं नेताजी
बता दें कि भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर नागरिक सम्मान पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। इस साल किसी को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया है। सरकार ने मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित करने की घोषणा की। सपा के संस्थापक एवं संरक्षक मुलायम सिंह का गत 10 अक्टूबर को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मुलायम सिंह जमीनी स्तर के नेता थे और उन्हें 'धरतीपुत्र' के नाम से जाना जाता था।
अपर्णा ने कहा-जो मिल गया उसे स्वीकार करो
सपा नेताओं की ओर से भारत रत्न की मांग उठाए जाने पर अपर्णा यादव ने कहा कि इन बातों से ज्यादा पुरस्कार को स्वीकार करना चाहिए। नेताजी हमेशा कहते थे कि जो भी चीज सम्मान से मिले उसे स्वीकार करें, जो मिल गया है उसे खुशी से स्वीकार करना चाहिए ना कि इस तरह से सवाल उठाना चाहिए।
चुनाव से पहले भाजपा का दांव!
राजनीति के जानकार मुलायम सिंह को पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने को सियासत से भी जोड़कर देख रहे हैं। जानकारों का कहना है कि भाजपा की नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर है और यूपी में यादव वोट बैंक पर उसकी नजर है। वह नेताजी को सम्मानित कर यादव समाज में एक संदेश देना चाहती है कि वह उनके साथ है और इस समाज का सम्मान करती है। बहरहाल, अभी इस सम्मान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पद्म विभूषण, भारत रत्न के बाद दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है।
