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दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव से की डिविजनल कमिश्नर की शिकायत, कहा- फोन नहीं उठा रहे

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 15, 2023, 01:06 PM IST

Delhi Flood: आतिशी ने कहा, हमें शिकायत मिली है कि बाढ़ राहत कैंप में पानी और टॉयलेट की किल्लत है, बिजली नहीं है और खाना खराब क्वालिटी का है। उन्होंने कहा, मैं सुबह से मैं सुबह से डिविजनल कमिश्नर (अश्विनी कुमार) से बात करना चाह रही हूं लेकिन वो ना फोन उठा रहे हैं और ना मेरे मैसेज का जवाब दे रहे हैं।

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Delhi minister Atishi

Photo : BCCL

Delhi Flood: दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव से डिविजनल कमिश्नर की शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि हमें शिकायत मिली है कि बाढ़ राहत कैंप में पानी और टॉयलेट की किल्लत है, बिजली नहीं है और खाना खराब क्वालिटी का है। उन्होंने कहा, मैं सुबह से मैं सुबह से डिविजनल कमिश्नर (अश्विनी कुमार) से बात करना चाह रही हूं लेकिन वो ना फोन उठा रहे हैं और ना मेरे मैसेज का जवाब दे रहे हैं।

आतिशी की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव को निर्देश दिया जाता है कि वह राहत कैंपों में सभी तरह की सुविधाएं सुनिश्चित करें और जो अफ़सर काम में ढिलाई बरत रहे हैं उन पर कार्रवाई करें। बता दें, आपको बता दें डिविजनल कमिश्नर दिल्ली के सभी DM के मुखिया होते हैं, यानी सारे DM, SDM, पूरा प्रशासन इनके तहत आता है और सरकार के फैसले को जमीनी स्तर पर प्रशासन ही लागू करवाता है।

बाढ़ से जूझ रही दिल्ली

बता दें, लगातार हुई बारिश और यमुना नदी में लगातार हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना नदी उफान पर है। यमुना नदी खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर बह रही है, जिस कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। कश्मीरी गेट, आईएसबीटी, यमुना बाजार, आईटीओ समेत यमुना के कई इलाके पानी में डूब गए हैं, जिसके बाद यहां रह रहे लोगों को बाहर निकाल कर राहत कैंपों में भेजा गया है।

घट रहा यमुना का जलस्तर

बाढ़ से जूझ रही दिल्ली के लिए राहत भरी खबर है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में सुबह नौ बजे यमुना नदी का जलस्तर 207.53 मीटर दर्ज किया गया। वहीं कल रात 11 बजे जलस्तर 207.98 मीटर दर्ज किया गया था। बता दें, यमुना नदी का जलस्तर 208 मीटर को भी पार कर गया था, जिससे दिल्ली, नोएडा के कई इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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