नई शराब नीति के तहत हुए घोटाले में जिस विजय नायर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है, वो काफी शातिर बताया जा रहा है। सीबीआई का दावा है कि उसने गिरफ्तारी से पहले अपने फोन को फॉर्मेट कर दिया था।
विजय नायर को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद बुधवार को उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने कहा- "विजय नायर ने फोन को फॉर्मेट किया था। वह बात करने के लिए एक खास ऐप का उपयोग कर रहा था जो अत्याधिक एन्क्रिप्टेड है; जिसके कारण डेटा प्राप्त करना मुश्किल है। हमने उसे गिरफ्तार कर लिया है क्योंकि वह पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं कर रहा था।"
बता दें कि विजय नायर, जो इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, शराब घोटाले में गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति हैं। इस मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 15 लोग आरोपी हैं।
दिल्ली में 17 नवंबर को लागू हुई शराब की नई नीति के तहत निजी फर्मों को खुली बोली के जरिए 849 शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी किया गया था। हालांकि, 30 जुलाई को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा इसकी जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने इस नीति को वापस ले लिया था।
वहीं आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि नायर को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन्होंने मामले में सिसोदिया को फंसाने से इनकार कर दिया था। एक वीडियो संदेश में, पार्टी विधायक आतिशी ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसी नायर को सिसोदिया का नाम लेने के लिए मजबूर कर रही थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।
