Times Now Summit 2026 : टाइम्स नाउ समिट 2026 पर टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल के भीतर कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। सरकार दिल्ली की जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी हमने इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपेंडिचर पे 33% किया है। इससे राजधानी को बेहतर सड़कें, बेस्ट ड्रेनेज सिस्टम और वाटर लॉगिंग जैसी गंभीर समस्याओं से मुक्त करने की कवायत है। दिल्ली की जनता को जो मिलना चाहिए, उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आइये जानते हैं और उन्होंने क्या कहा?
विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना
विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है और दिल्ली की छात्राओं के लिए साइकिल योजना के महत्व को स्पष्ट किया है।उन्होंने कहा विपक्षी नेता लड़कियों को साइकिल देने जैसी अच्छी योजना का मजाक उड़ा रहे हैं और उस पर राजनीति कर रहे हैं। लेकिन यह योजना दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई है।
परिवहन की समस्या और ड्रॉप आउट
सीएम ने बताया कि पहले छात्राओं के पास स्कूल जाने के लिए परिवहन का साधन नहीं था, जिससे उन्हें या तो माता-पिता के साथ जाना पड़ता था या रिक्शा का खर्च उठाना पड़ता था। इस आर्थिक बोझ और दूरी के कारण कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ (ड्रॉप आउट) देती थीं। ये लड़कियां उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करेंगी, उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली की बेटियां पढ़ेंगी, लिखेंगी और अपना भविष्य बनाएंगी। विपक्ष के सवालों के हवाले से पूछे गए प्रश्न पर रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्होंने 11 साल तक शासन किया और कुछ नहीं किया, जबकि वे उनके 1 साल के कार्यकाल पर सवाल उठा रहे हैं।
सीवेज ट्रीटमेंट पर क्या बोलीं सीएम रेखा गुप्ता
सीएम ने कहा कि हमारी सरकार के तैयार किए गए रोडमैप के परिणाम अब दिखने शुरू होंगे। दिल्ली की सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता 700 एमजीडी (MGD) से बढ़कर 1500 एमजीडी नहीं हो जाती, तब तक यमुना पूरी तरह साफ नहीं हो सकती। सरकार पूरी दिल्ली में सीवर लाइनें बिछाने और सीवेज को ट्रीट करने पर लगातार काम कर रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश
सीएम ने कहा कि उनके बजट में 33% (एक-तिहाई) हिस्सा बुनियादी ढांचे पर खर्च करने के लिए रखा गया है। उनका उद्देश्य दिल्ली को देश की राजधानी के अनुरूप बेहतर बनाना है। दिल्ली की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने और जलभराव (Water Logging) की समस्या को खत्म करने के लिए 'वॉल टू वॉल कारपेटिंग' का काम शुरू किया गया है। इससे न केवल ड्राइविंग का अनुभव बेहतर होगा बल्कि धूल कम होने से पर्यावरण में भी सुधार होगा। पिछले साल 400 कि.मी. सड़कों का काम पूरा किया गया और इस साल 750 कि.मी. सड़कों को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में अधिक फुटओवर ब्रिज, फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि जनता को उनका अधिकार और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
