Delhi Blast News: आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल की अहम कड़ी डॉक्टर शाहीन के पास जांच एजेंसियों को तीन पासपोर्ट होने की जानकारी मिली है।इन पासपोर्ट के जरिए शाहीन तीन बार पाकिस्तान भी गई थी।इनमें से एक पासपोर्ट जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के पते पर दूसरा लखनऊ के पते पर और तीसरा फरीदाबाद के पते पर बनवाया गया है।इन सभी पासपोर्ट पर डॉक्टर शाहीन के अभिभावक के तौर पर अलग-अलग नाम दर्ज हैं।
एक में पिता दूसरे में पति और तीसरे में भाई को अभिभावक दिखाया गया है। डॉक्टर शाहीन ने सबसे बाद में बने पासपोर्ट में भाई डॉक्टर परवेज अंसारी को अभिभावक के तौर पर दिखाया है।
इस पासपोर्ट में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस का पता दर्ज है। जांच एजेंसियोंं को जानकारी मिली है कि डॉक्टर शाहीन ने 6 बार दूसरे देशों की यात्राएं की है। जांच में सामने आया है कि 2013 में कानपुर में नौकरी छोड़ने के बाद डॉक्टर शाहीन थाईलैंड गई थी। जबकि 2021 से पहले उसका भाई डॉक्टर परवेज 3 साल तक मालदीप में रहा है। दोनों की विदेश यात्राओं के दौरान इनकी एक्टिविटी को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
शाहीन के पास 7 बैंक खातों की जानकारी मिली है
डॉक्टर शाहीन के अब तक मिले बैंक खातों में बीते सात सालों में करीब 1.55 करोड़ रुपए का लेन देन हुआ है। एजेंसियां धनराशि आने और जाने के माध्यमों का ब्यौरा जुटा रही हैं। शाहीन के पास 7 बैंक खातों की जानकारी मिली है। कुछ प्राइवेट बैंक तो कुछ सरकारी बैंक में खाते हैं। इनमें से 3 खाते कानपुर दो दो लखनऊ और दिल्ली में है। बैंक खातों की पड़ताल में 2014 में 9 लाख 2015 में 6 लाख 2016 में 11 लाख , 2017 में 19 लाख के बड़े ट्रांजेक्शन मिले है।
फार्माकोलॉजी विभाग के बोर्ड से डॉक्टर शाहीन का नाम हटाया
गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (GSVM) मेडिकल कॉलेज ने फार्माकोलॉजी विभाग के बोर्ड से डॉक्टर शाहीन सईद का नाम हटा दिया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर शाहीन 01 सितंबर, 2012 से 31 दिसंबर, 2013 तक फार्माकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष रही और उनके बाद डॉक्टर पूजा अग्रवाल ने 01 जनवरी, 2014 से यह पद संभाला।
जीएसवीएम ने दिल्ली में लालकिले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट के मामले की जांच में डॉक्टर शाहीन का नाम सामने आने के बाद यह कदम उठाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही।
क्या है पूरा मामला?
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर शाहीन 1 सितंबर, 2012 से 31 दिसंबर, 2013 तक फार्माकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष रही और उनके बाद डॉक्टर पूजा अग्रवाल ने 1 जनवरी, 2014 से यह पद संभाला। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली पुलिस और आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) से मिली जानकारी के बाद यह 'एहतियात के तौर पर यह कदम' उठाया गया है। अधिकारी ने कहा कि संस्थान ने किसी भी 'गलत पहचान या प्रतिष्ठा को नुकसान' से बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की।
NIA की टीमों ने जीएसवीएम परिसर का दौरा किया
अधिकारी ने कहा कि एटीएस और राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) की टीमों ने शुक्रवार और उसके अगले दिन शनिवार को जीएसवीएम परिसर का दौरा किया और फार्माकोलॉजी विभाग में जांच की। एजेंसियों ने डॉ. शाहीन और उन लोगों के बारे में जानकारी ली जो अभी भी उनके संपर्क में हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं ने चुनिंदा विभागीय दस्तावेजों की समीक्षा भी की।
