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अवधेश राय हत्या मामले में मुख्तार अंसारी पर आ गई फैसले की घड़ी , माफिया के गुनाहों की किस्से हैं बेहद खतरनाक-Video

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: रवि वैश्य
  • Updated Jun 4, 2023, 05:12 PM IST

Awadhesh Rai Murder Case: साल 1991, 3 अगस्त को वाराणसी के लहुराबीर में अवधेश राय की हत्या कर दी गई थी, बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अवधेश का मर्डर कर दिया था, इस मामले में अब फैसला आना है।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मुश्किलें बढ़ गई है। 32 साल पहले वाराणसी (Varanasi) में हुए अवधेश राय हत्याकांड (Awadhesh Rai Murder) को लेकर 5 जून को बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार पर वाराणसी का MP-MLA Court फैसला सुनाने वाला है। जिसको लेकर वाराणसी (Varanasi) में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

गौर हो कि UP में माफियाओं और बदमाशों के खिलाफ योगी सरकार (Yogi Government) नकेल कसने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। वहीं माफिया मुख्तार अंसारीके तमाम जुर्मों का हिसाब भी जारी है। इसी कड़ी में मुख्तार अंसारी पर 5 जून को अवधेश राय मर्डर केस (Awadhesh Rai Murder Case) में फैसला आना है, जिसको लेकर माफिया मुख्तार में डर का माहौल बना हुआ है।

कैसे हुई थी वाराणसी में अवधेश राय की हत्या

1991 के 3 अगस्त को वाराणसी के लहुराबीर में अवधेश राय की उनके घर के बाहर ही हत्या कर दी गई थी, वारदात के वक्त छोटे भाई अजय राय भी वहीं थे, उसी मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है और अब 5 जून को मामले पर फैसला आना है।

'मी लॉर्ड! फल, कुरकुरे और बिस्किट भिजवा दीजिए, जेल की रोटियां तोड़कर हो गया हूं परेशान'

हाल ही में बाहुबली माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को लेकर एक अलग ही खबर सामने आई थी, बताया जा रहा है कि गैंगस्टर मुख्तार अंसारी जो उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद है उसने कोर्ट से अजीबोगरीब गुहार लगाई थी, बताते हैं कि मुख्तार ने जज से मांग की है कि उसे फल, खाने पीने का सामान, फल, कुरकुरे और बिस्किट चाहिए, क्योंकि उसका कहना है कि वो जेल की रोटियां तोड़कर परेशान हो चुका है, बताते हैं कि उसकी ऐसी मांग सुनकर जज भी हंस दिए थे।

बताते हैं कि यूपी की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी वहां के खाने-पीने की व्यवस्था से काफी परेशान है और इस बावत वो पहले भी गुहार लगा चुका है।

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