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ममता बनर्जी की मुश्किलें नहीं हो रहीं कम; अब TMC के तीन खातों पर लगी रोक, नहीं निकाल पाएंगे 440 करोड़ रुपये

तृणमूल कांग्रेस के संगठन और वित्तीय तंत्र पर नियंत्रण को लेकर पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी के खेमों के बीच टकराव चल रहा है। इस विवाद के बीच में ही ये खबर सामने आई है कि टीएमसी के निजी क्षेत्र के एक बैंक में रखे गए तीन खातों को 'डेबिट फ्रीज' कर दिया गया है।

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ममता बनर्जी।

पश्चिम बंगाल की सत्ता गंवाने के बाद से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। सीएम पद जाने के बाद उनके अपनों ने भी उनका साथ छोड़ दिया। 20 सांसदों और लगभग 60 विधायकों ने ममता के खिलाफ बागी रुख अख्तियार कर लिया। वहीं, अब तृणमूल कांग्रेस के विधायकों की शिकायतों के बाद पार्टी के तीन बैंक खातों से पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई है।

बता दें कि इन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपये हैं। पार्टी के बागी विधायकों ने धन के स्रोत की जांच कराये जाने की मांग की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि निजी क्षेत्र के एक बैंक में रखे गए तीन खातों को 'डेबिट फ्रीज' कर दिया गया है। सरल शब्दों में समझें तो 'डेबिट फ्रीज'का अर्थ बैंक खाते से पैसे निकालने,हस्तांतरण करने या किसी भी प्रकार का भुगतान करने पर अस्थायी रूप से रोक लगाना होता है।

तृणमूल कांग्रेस के संगठन और वित्तीय तंत्र पर नियंत्रण को लेकर पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी के खेमों के बीच टकराव चल रहा है। यह विवाद हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी के हार के बाद और बढ़ गया है।

यह कदम बनर्जी समर्थक 10 विधायकों की शिकायतों के बाद उठाया गया है। इन विधायकों ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के तहत साइबर अपराध पुलिस थाने में खातों को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग की है।अपनी शिकायतों में विधायकों ने खातों में जमा धन के स्रोत पर सवाल उठाए और उन खातों के माध्यम से किए गए लेन-देन की जांच की मांग की।

एक शिकायत की प्रति के अनुसार, विधायकों ने जांचकर्ताओं से यह पता लगाने का आग्रह किया कि क्या ये धनराशि वैध स्रोतों से हासिल की गई है या कथित अवैध गतिविधियों, जैसे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और घोटालों से अर्जित की गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान एक वरिष्ठ विधायक ने कहा कि गुट को पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिल चुकी है,लेकिन वह औपचारिक सूचना का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने सुना है कि तीन खातों पर रोक लगा दी गई है। हम आज शाम तक सटीक जानकारी प्राप्त कर लेंगे।

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरूप बिस्वास ने एक निजी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के खातों से लेन-देन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने इसके लिए पार्टी के वैध नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता और विधायकों तथा सांसदों की बगावत का हवाला दिया था। वहीं, ममता बनर्जी के प्रति निष्ठावान विधायक कुणाल घोष ने कहा कि बिस्वास अब कोषाध्यक्ष के पद पर नहीं हैं और इसलिए उन्हें वित्तीय मामलों में पार्टी की ओर से बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

कुणाल घोष ने कहा कि किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए यह स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए कि अरूप बिस्वास कभी पार्टी के कोषाध्यक्ष थे। हालांकि पांच जून को हुई कार्यकारी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि शुभाशीष चक्रवर्ती कोषाध्यक्ष होंगे। तब से वह इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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